Manuabhan Tekri: भोपाल में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं। यहां का बड़ा तालाब, सांची स्तूप, भीमटेक गुफाएं, शौकत महल और मोती मस्जिद जैसी कई ऐतिहासिक जगहें हैं, जहां हर साल भारी संख्या में पर्यटकों का आना होता है। लेकिन भोपाल में एक ऐसी जगह भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। उन्हीं में से एक है यहां का मनुआभान टेकरी।
भोपाल, भनुआभान टेकरी
मनुआभान टेकरी का नाम सुनकर आप सोच रहे होंगे कि यह कहां है? यहां कैसे जा सकत हैं? इसकी खासियत और इसका इतिहास क्या है? इसका नाम मनुआभान टेकरी क्यों पड़ा? तो यहां हम आपको इन सभी प्रश्नों का जवाब देंगे।
मनुआभान टेकरी का इतिहास
इस टेकरी का इतिहास 150 साल से भी ज्यादा पुराना है। यह टेकरी करीब 550 मीटर ऊंचाई पर है। श्वेतांबर जैन समाज के लोग इसे तीर्थस्थल मानते हैं। इसे लेकर लोगों का कहना है कि यहां पर महावीर स्वामी की प्रतिमा मिली थी। जिसे मंदिर में स्थापित कर दिया गया। पहले इस टेकरी तक पहुंचना मुश्किल था। पूरा रास्ता जर्जर था।
मनुआभान टेकरी का नाम
बाताया जाता है कि मनुआभान राजा भोज का दरबारी था, जो अलग-अलग तरह के हाव भाव और वेश बदलकर उनका मनोरंजन किया करता था। लेकिन बाद में उसने अपना यह स्वभाव त्याग दिया और भगवत सिद्धि में लीन हो गया। जो मानतुंगाचार्य कहलाया। उसी के नाम पर इस टेकरी का नाम पड़ा, जो आज मनुआभान टेकरी कहलाती है।
मनुआभान टेकरी कैसे जाएं
मनुआभान की टेकरी लालघाटी में स्थित है। यह भोपाल शहर में एयरपोर्ट जाने वाली सड़क पर है। आप मनुआभान टेकरी तक अपने वाहन कार या बाइक से जा सकते हैं। यहां पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है।
एयरपोर्ट रोड स्थित मनुआभान की टेकरी पर रोप-वे भी है। रोप-वे की सुविधा के बाद पर्यटकों का यहां आना-जाना लगा रहता है।
