Holi Festival 2023: बाबा महाकाल के आंगन सबसे पहले जली होली, उज्जैन में बिना मुहूर्त होली जलाने की परंपरा, जानिए क्या है वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 7, 2023, 06:41 PM IST

Holi Festival 2023: बाबा महाकाल के मंदिर में बिना मुहूर्त के होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है। यही वजह है कि एमपी में सबसे पहले बाबा महाकाल के मंदिर में होली जलाई जाती है। श्रद्धालु बाबा संग रंग, अबीर व गुलाल उड़ाकर होली की खुशियां मानते हैं। इंदौर में होलिका दहन के बाद होलकर राजवंश की देवी अहिल्या बाई होल्कर की राजगद्दी पर चांदी की पिचकारी से सबसे पहले रंग डालने की परंपरा है।

KEY HIGHLIGHTS
  • उज्जैन में शाम की आरती के बाद महाकाल मंदिर में होलिका दहन होता है
  • बिना मुहूर्त के होलिका दहन की परंपरा मंदिर में सदियों से चली आ रही है
  • इंदौर में सबसे पहले देवी अहिल्या बाई होल्कर की राजगद्दी पर चांदी की पिचकारी से रंग डाला जाता है


Holi Festival 2023:मध्यप्रदेश में स्थित सनानत धर्म के 12 प्रमुख ज्योर्तिलिंगों में से एक उज्जैन के बाबा महाकाल। यहां सदियों से बाबा महाकाल के मंदिर में बिना मुहूर्त के होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है। यही वजह है कि एमपी में सबसे पहले बाबा महाकाल के मंदिर में होली जलाई जाती है। श्रद्धालु बाबा संग रंग, अबीर व गुलाल उड़ाकर होली की खुशियां मानते हैं।

Ujjain Mahakal Temple

उज्जैन के महाकाल मंदिर में सबसे पहले होता है बिना मुहूर्त के होलिका दहन (फाइल फोटो)

मंदिर प्रबंध समिति के मुताबिक शाम को बाबा महाकाल की आरती के बाद मंदिर परिसर में पुजारियों और भक्तों ने महाकाल संग होली खेली। हर्ष की इस पावन बेला में ने होली खेल और एक दूजे को गुलाल लगाकर रंगों के पावन त्योहार की बधाई व शुभकामनाएं दी। इस दौरान समूचा मंदिर परिसर भगवान महाकाल के जयकारों से गूंजायमान हो उठा। इससे पूर्व करीब 40 क्विंटल फूल बरसाकर भक्तों ने बाबा महाकाल को रिझाया।

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