ग्वालियर : बीएसएफ द्वारा संचालित रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी टेकनपुर में संस्थान के संस्थापक और बीएसएफ के पहले महानिदेशक स्वर्गीय केएफ रुस्तमजी की जयंती को फाउंडर्स डे के रूप में श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान तिरंगा रैली निकलाकर ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सेना और बीएसएफ के जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में शिरकत करने विशेष तौर पर केएफ रुस्तमजी के पुत्र साइरस रुस्तमजी कनाडा से भारत पहुंचे। उन्हें इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।
बीएसएफ अकादमी टेकनपुर ने निकाली तिरंगा रैली
तिरंगा यात्रा में जवानों ने लिया भाग
आरजेआईटी की अगुआई में आयोजित तिरंगा रैली को बीएसएफ अकादमी टेकनपुर के निदेशक डॉ. शमशेर सिंह(भापुसे) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में साइरस रुस्तमजी, आरके चौधरी (सेवानिवृत्त महानिरीक्षक), अरविन्द सक्सेना (महानिरीक्षक, ग्वालियर रेंज), प्रिंसिपल (कमांडेंट) मनीष चंद्रा और चीफ एडमिस्ट्रेटर एके आर्य (डीआईजी)सहित अकादमी के अन्य अधिकारियों एवं जवानों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। तिरंगा रैली का स्वागत बीएसएफ अकादमी स्थित सभी यूनिट्स के द्वार पर किय गया। रैली के स्वागत के लिए इन यूनिट्स ने विशेष द्वार बनाए थे।
स्वर्गीय रुस्तमजी की 109वीं जयंती
रैली के बाद आयोजित आरजेआईटी फाउंडर्स डे कार्यक्रम में स्वर्गीय रुस्तमजी को उनकी 109वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। सीमा सुरक्षा बल के उप महानिदेशक डॉ. शमशेर सिंह ने संस्थान के छात्रों को संबोधत करते हुए इनोवेशन के लिए प्रेरित किया और बीएसएफ के पहले महानिदेशक रुस्तमजी के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी। कनाडा से कार्यक्रम में शिरकत करने आए साइरस रुस्तमजी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि वो संस्थान के किसी भी कार्य और मदद के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।
10 साल के अंतराल के बाद आरजेआईटी का दौरा कर रहे साइरस रुस्तमजी ने संस्थान के विकास पर खुशी जाहिर की। संस्थान के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संस्थान गुणवत्ता में सुधार करके देश में अगल पहचान बनाने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने आशा जताई कि बीएसएफ के मार्गदर्शन में संस्थान लगातार तरक्की करेगा।
