'Age is Just a Number' लाइन को सही साबित करने वाली ड्राइवर दादी का हाल ही 94 साल की उम्र में निधन हो गया। लोग उन्हें सुपर दादी कहकर भी पुकारते थे। इतना ही नहीं, उनके जज्बे और कुछ नया कर सीखने की चाह को देख एमपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी सराहना की थी और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर किया था। आइए आज आपको ड्राइवर दादी के बारे में बताते हैं।
कौन है ड्राइवर दादी
ड्राइवर दादी या सुपर दादी के नाम से मशहूर दादी रेशमा बाई तंवर देवास जिले की बिलावली की रहने वाली थी। वह अपनी अनोखी जीवनशैली के लिए जानी जाती थी। आज से करीब 4 साल पहले जब दादी 90 साल की थी, उनकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। इसी वीडियो के बाद दादी को 'ड्राइवर दादी' कहा जाने लगा था। दरअसल, उन्होंने 90 साल की उम्र में कार चलानी सीखी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो में वह देवास हाईवे पर कार चलाते हुए नजर आई थीं।
ड्राइवर दादी (फोटो - शिवराज सिंह चौहान सोशल मीडिया पोस्ट)
हाईवे पर कार चलाने वाली उनकी यह वीडियो लोगों को खुब पसंद आई और यह वायरल भी हुई थी। उनकी इस वीडियो को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शेयर किया था। उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि 'दादी मां ने हम सभी को प्रेरणा दी है कि अपनी अभिरुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है।' उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा की 'उम्र चाहे कितनी भी हो, जीवन जीने का जज्बा होना चाहिए!'
कार से मंदिर और सब्जी लेने जाती थी दादी
90 साल की उम्र में कार सीख दादी ने 'Age is Just a Number', इस लाइन को सही साबित किया। कहते हैं सीखने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब चाहें एक नई स्किल सीख सकते हैं। लेकिन 90 की उम्र में कुछ नया सीखना, सुनने में मुश्किल लगता है। जिस उम्र में कई लोग लाठी के सहारे चलते हैं या कहीं अकेले आ जा नहीं सकते, उस उम्र में मध्य प्रदेश के देवास की रहने वाली इस दादी ने न केवल कार चलाना सीखा बल्कि वह कार चलाकर मंदिर और सब्जी खरीदने भी जाती थी। हाल ही में उनका निधन हो गया है।
