शिवपुरी : शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों के बीच अब विवाद चरम पर आ गया है। अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद पार्षदों ने कलेक्टर को अपने इस्तीफे सौंपे हैं। जून माह में 18 पार्षद करैरा के बगीचा सरकार मंदिर पर पहुंचे थे। जहां उन्होंने कसम खाई थी कि अगर नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं होता है तो वह अपना इस्तीफा दे देंगे। इसी क्रम में पार्षद करेरा की बगीचा धाम सरकार पर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने इस्तीफे बगीचा सरकार की शरण में रखा। इसके बाद सभी पार्षद माधव चौक चौराहे स्थित हनुमान मंदिर पर एकत्रित हुए और डीजे और ढोल से रैली निकालकर कोर्ट रोड अस्पताल चौराहा होते हुए नगर पालिका पहुंचे। जहां उन्होंने नगर पालिका को दंडवत प्रणाम किया, इसके बाद रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुँचे। इसके बाद सभी पार्षद कलेक्ट्रेट में ही हनुमान चालीसा पढ़ने बैठ गए।
इस्तीफा सौंपने वालों में 12 भाजपा, 2 निर्दलीय, 4 कांग्रेस के पार्षद हैं। इस्तीफे के पीछे एक और कहानी है, दरअसल 22 पार्षदों ने करैरा स्थित बगीचा सरकार मंदिर में नगरपालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से हटाने की सौगंध ली थी। मान्यता है कि यहां जो कसम खाई जाती है, वो टूटती नहीं है। अगर कसम टूटी तो कोढ़ जैसी बीमारी होती है। माना जा रहा है कि पार्षदों ने इसी से बचने के लिए इस्तीफा दिया है।
कलेक्टर के अनुपस्थित होने के बाद सभी पार्षदों ने कलेक्टर को ही त्यागपत्र देने की मांग की। जिसके बाद अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला ने समझाने का प्रयास किया की कलेक्टर साहब बाहर हैं, अभी आ नहीं सकते. इसके बाद नगर पालिका उपाध्यक्ष पति ने फोन पर कलेक्टर से बात की । जिसके बाद पार्षदों ने एडीएम दिनेश शुक्ला को अपने त्यागपत्र सौंपे।
नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज रामजी व्यास, भाजपा पार्षद विजय शर्मा, राजा यादव, ताराचंद राठौर, रीना कुलदीप शर्मा, ओमप्रकाश जैन ओमी, नीलम अनिल बघेल, सरोज महेन्द्र धाकड़, प्रतिभा गोपाल शर्मा, मीना पंकज शर्मा, कांग्रेस पार्षद मोनिका सीटू सरैया, संजय गुप्ता, ममता बाईसराम धाकड़, कमलाकिशन शाक्य, रितु जैन, निर्दलीय राजू गुर्जर, रितु रत्नेश जैन और गौरव सिंघल शामिल हैं।
