दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले की ब्यारमा नदी में मगरमच्छ का आतंक फिर से देखने को मिला है। कनिया घाट पर नहाने गई एक महिला को मगरमच्छ ने पानी में खींच लिया और उसका शव कुछ दूरी पर मिला। मृतक महिला की पहचान मालती पति मेघराज सिंह के रूप में हुई है। पिछले साल हटरी गांव में एक 11 वर्षीय बच्चे को मगरमच्छ ने पानी में खींच लिया था और उसकी मौत हो गई थी। अब कनिया घाट पर महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
मगमच्छ के हमले से महिला की मौत - (फोटो - टाइम्स नाउ नवभारत )
नहाने के दौरान मगरमच्छ ने किया हमला
महिला घाट पर नहाने गई थी जब मगरमच्छ ने उसपर हमला किया और पानी में खींच ले गया। एक अन्य महिला ने इस घटना को देखा और उसके चिल्लाने के बाद ग्रामीण इकट्ठे हुए। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को नदी किनारे से पत्थर मारकर भगाने की कोशिश की जिससे मगरमच्छ ने महिला को छोड़ दिया। हालांकि तब तक महिला की मौत हो चुकी थी और उसका शव नदी के पानी में तैरता हुआ मिला।
ब्यारमा नदी में काफी तादाद में है मगरच्छ
गूढ़ा की ब्यारमा नदी में मगरमच्छों की संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है जो नदी के तटीय गांवों के लिए खतरा बढ़ा रही है। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छों का खतरा और भी बढ़ गया है। वन विभाग की टीम मगरमच्छों को रेस्क्यू तो करती है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि केवल रेस्क्यू से समस्या का समाधान नहीं होगा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्का जाम किया
मगरमच्छों को स्थायी रूप से संरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करना होगा। इसी मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर दिया है और दमोह जबलपुर दमोह तेंदूखेड़ा मार्ग कुछ घंटे से बंद बताया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जबकि वन विभाग द्वारा मुआवजे की घोषणा भी की गई है।
