Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा अब और सटीक तरीके से परखी जाएगी। इसके लिए एमपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) ने बड़ी पहल की है। बोर्ड ने लगभग 1.30 करोड़ रुपए की लागत से दो नए कंटीन्युअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करने की योजना बनाई है। ये सेंटर गोविंदपुरा सीपेट के पास और कोलार क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं, जिनका निर्माण लगभग पूरा होने वाला है।
भोपाल - फाइल फोटो
वर्तमान में भोपाल में हैं तीन सेंटर
वर्तमान में भोपाल में तीन सेंटरों के जरिए वायु गुणवत्ता मापी जा रही है। ये सेंटर टीटी नगर, पर्यावरण परिसर और हमीदिया अस्पताल हैं। इनमें दो नए सेंटर जुड़ने के बाद भोपाल प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा जहां पांच लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम काम करेंगे। वहीं, बैरागढ़ और होशंगाबाद रोड पर फिलहाल ऑफलाइन मॉनिटरिंग जारी रहेगी।
औद्योगिक इलाका है गोविंदपुरा
गोविंदपुरा क्षेत्र को ऑनलाइन सिस्टम की खास जरूरत मानी जा रही है क्योंकि यह एक प्रमुख औद्योगिक इलाका है। इस सिस्टम से पिपलानी, मिनाल और रायसेन रोड भी निगरानी दायरे में आ जाएंगे। वहीं, कोलार और बीयू क्षेत्र में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण प्रदूषण की सही निगरानी जरूरी है। एमपीपीसीबी के रीजनल डायरेक्टर बृजेश शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पूरे शहर में हवा की गुणवत्ता का सटीक और पारदर्शी आकलन करना है। जल्द ही दोनों नए सिस्टम चालू कर दिए जाएंगे।
