Bhopal: प्रदेश के वन्यजीव उद्यानों में इन वाहनों पर लगेगी रोक, महकमा विकल्प तलाशने में जुटा, जानिए क्या होंगे नए नियम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 2, 2023, 05:27 PM IST

Bhopal: राष्ट्रीय उद्यानों में डीजल व पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित करने पर काम चल रहा है। इनके विकल्प के तौर पर हाईब्रिड और ईवी एसयूवी का परीक्षण किया जा रहा है। कई व्हीकल्स कंपनियों ने अपने ब्रांड के वाहन मध्य प्रदेश वन विभाग को देने का प्रस्ताव भेजा है। एमपी में कुल 10 राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनमें से 6 टाइगर रिजर्व हैं। पेट्रोल वाहनों से भी ध्वनि-वायु प्रदूषण होता है। जिससे वाइल्ड एनिमल्स की हेल्थ और फर्टिलिटी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • परिवहन नियमों के तहत 10 साल से पुराने वाहन जंगलों में बैन होंगे
  • विकल्प के तौर पर हाईब्रिड और ईवी एसयूवी का किया जा रहा है परीक्षण
  • पेट्रोल वाहनों से वाइल्ड एनिमल्स की हेल्थ पर होता है प्रतिकूल असर

Bhopal: नए साल में मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों के नियमों में कई बदलाव करने की फॉरेस्ट महकमे ने कवायद आरंभ कर दी है। महकमे के आला अधिकारियों के मुताबिक, सूबे के राष्ट्रीय उद्यानों में डीजल व पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित करने पर काम चल रहा है। इनके विकल्प के तौर पर हाईब्रिड और ईवी एसयूवी का परीक्षण किया जा रहा है।

Bhopal News

अब मध्य प्रदेश के जंगलों में दौड़ेंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (सांकेतिक तस्वीर)

यही वजह है कि, कई व्हीकल्स कंपनियों ने अपने ब्रांड के वाहन मध्य प्रदेश वन विभाग को देने का प्रस्ताव भेजा है। मध्य प्रदेश के फॉरेसट मिनिस्टर विजय शाह के मुताबिक, कुछ वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने एसयूवी व्हीकल्स प्रदेश के जंगलों के पहाड़ी इलाकों में परीक्षण को लेकर सहमति जताई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इसके पीछे की प्रमुख वजह वन्यजीवों के जीवन में खलल नहीं पड़े व जंगल की सेहत में सुधार को लेकर नियमों में बदलाव किया जा रहा है।

End of Feed