रानी कमलापति कौन थीं, जिनके नाम पर है भारत के पहले प्राइवेट स्टेशन का नाम

भोपाल में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन स्थित है, जो भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन पहले हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। लेकिन इसके पुनर्विकास के बाद स्टेशन के रंगरूप के साथ ही इसका नाम भी बदल गया। आज हम आपको रानी कमलापति और भोपाल के इतिहास के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं कि रानी कमलापति आखिर कौन थीं?

Who Was Rani Kamalapati: भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में स्थित है। जिसका नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (Rani Kamalapati Railway Station) है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इस रेलवे स्टेशन का नाम पहले हबीबगंज (Habibganj Railway Station) था। इसके पुनर्विकास (Redevelopment)के बाद स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति कर दिया गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रानी कमलापति आखिर कौन थीं? जिनके नाम पर इस स्टेशन का नाम बदलकर रखा गया। आइए इस सवाल का जवाब जानते हैं:

Rani kamlapati station

भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन रानी कमलापति

भोपाल की अंतिम रानी (The Last Hindu Queen of Bhopal)

रानी कमलापति भोपाल की अंतिम हिंदू रानी थीं। उन्होंने पार्कों और मंदिरों की स्थापना करने के साथ ही जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी बहुत काम किया। रानी कमलापति को भोपाल को गोंड राजवंश की अंतिम रानी भी माना जाता है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इतिहासकार बताते हैं कि भोपाल से करीब 60 किमी दूर गिन्नौर गढ़ (Ginnor Garh) हुआ करता था। जिसके राजा निजाम शाह से रानी कमलापति का विवाह हुआ था। भोपाल भी उस समय निजाम शाह के अधीन आता था। रानी कमलापति उनकी सात पत्नियों में से एक थीं।

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