मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उमरिया गांव में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने जा रही है, जहां मेट्रो रेल कोच और रेलवे के आधुनिक रोलिंग स्टॉक का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने बीईएमएल को 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरू में बीईएमएल के चेयरमैन और एमडी शांतनु रॉय को भूमि आवंटन पत्र सौंपा। बीईएमएल इस परियोजना में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का करने जा रही है।
मध्य प्रदेश में BEML की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरू में बने 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया, जिसे मुंबई भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रायसेन में स्थापित होने वाली ये यूनिट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगी। अगले एक माह में रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया जाएगा। बीईएमएल के चेयरमैन शांतनु रॉय ने कहा कि ये नई इकाई देश की शहरी रेल प्रणाली को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
19,000 लोगों को रोजगार
इस मेट्रो कोच में ड्राइवर-लेस ऑपरेशन, स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियां और ऑन-बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी, जो रियल-टाइम मेंटेनेंस और रिमोट जांच में सहायक साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से बातचीत के दौरान जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में कुल 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस निवेश में बीईएमएल का 1,800 करोड़, सन फार्मा का 3,000 करोड़, एचईएसएस का 2,000 करोड़, अरविंद मिल्स का 600 करोड़, अभिनाथ समूह लॉजिस्टिक का 100 करोड़, नाइज गारमेंट का 385 करोड़ और एचटीसीएल टेक्नोलॉजी का 50 करोड़ का योगदान शामिल है। इस निवेश के परिणामस्वरूप लगभग 19,000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय रेलवे की ऐतिहासिक उपलब्धि
BEML ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि, भारतीय रेलवे के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया, क्योंकि BEML लिमिटेड ने अपने बेंगलुरु संयंत्र से 2100वें मेट्रो कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। उन्होंने BEML के सीएमडी को औपचारिक रूप से भूमि आवंटन पत्र सौंपा, जिससे उमरिया, रायसेन जिले (मध्य प्रदेश) में रोलिंग स्टॉक निर्माण इकाई की एक नई स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये आधुनिक सुविधा न केवल भारत की शहरी गतिशीलता और प्रमुख रेल परियोजनाओं के लिए मेट्रो कोच तथा रोलिंग स्टॉक के उत्पादन में योगदान देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति देने में भी सहायक होगी।
