Alirajpur Name Changed: मध्य प्रदेश का अलीराजपुर जिला अब औपचारिक रूप से आलीराजपुर कहलाएगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने जिले के नाम में बदलाव का फैसला लिया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यानी अब से सरकार के सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में जिले का नाम आलीराजपुर ही दर्ज होगा।
MP का अलीराजपुर अब बना आलीराजपुर (India Rail Info)
2012 में हुई नाम बदलने की शुरुआत
जिले का नाम बदलने की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की एक बैठक में यूनिवर्सल सृजन जनसेवा नाम के एनजीओ द्वारा एक ज्ञापन दिया गया। इस दिए गए ज्ञापन में अलीराजपुर का नाम बदलकर आलीराजपुर करने की मांग रखी गई थी। काफी लंबी प्रक्रिया के बाद यानि लगभग 13 साल बाद 21 अगस्त 2025 को गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव पर सहमति देते हुए NOC जारी की। मंत्रालय की सहमति मिलते ही राज्य सरकार ने औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
अलीराजपुर का बदला नाम
भील जनजाति से जुड़ा से आलीराजपुर का इतिहास
आलीराजपुर का इतिहास भील जनजाति के लंबे इतिहास से जुड़ा है, रियासत की राजधानी आलीराजपुर में 15वीं सदी में राजा आलिया भील ने शासन किया था, बाद में मुगलों के समय इसका नाम अलीराजपुर हो गया। अब फिर से इसे राजा आलिया भील के नाम पर आलीराजपुर किया गया है। 15वीं शताब्दी में ये क्षेत्र भील राजाओं के अधिपत्य में था, इसमें राजा आलिया भील का शासन प्रमुख रहा। बाद में यहां मुगल साम्राज्य और फिर मराठा साम्राज्य रहा। साल 1818 में अंग्रेजों के आने के बाद अलीराजपुर एक स्वतंत्र रियासत बन गई, जो ब्रिटिश भारत की मध्य भारत एजेंसी का हिस्सा थी। आजादी के बाद ये मध्य भारत का ही हिस्सा रहा। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से ही अलीराजपुर झाबुआ जिले का हिस्सा था, लेकिन 17 मई 2008 को इसे एक अलग जिले के रूप में स्थापित किया गया। आलीराजपुर जिले में भील आदिवासी बाहुल्य में हैं।
