इंदौर : भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान दूषित पानी से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया था। इस दौरान कुल 36 मौतें सामने आई थीं, हालांकि शुरुआती सरकारी आंकड़े इससे कम थे और मृतकों की संख्या को लेकर मतभेद के बीच जांच भी जारी रही। इसी पृष्ठभूमि में अब मानसून के दौरान जल सुरक्षा और सामुदायिक स्वच्छता को मजबूत करने के लिए भागीरथपुरा, परदेसीपुरा और पंडा इलाके में विशेष अभियान शुरू किया गया है। भगीरथपुरा में दूषित पेयजल ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और पानी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
क्या था इंदौर दूषित पेयजल मामला
दिसंबर 2025 के आखिर में भगीरथपुरा में पेयजल के दूषित होने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद मामला और गंभीर हुआ। जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि भगीरथपुरा में 16 मौतों का संबंध दूषित पेयजल से था। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 36 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी साफ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति, दूषित स्रोतों को बंद करने, पानी की गुणवत्ता की जांच, पाइपलाइनों की मरम्मत और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
इसी पृष्ठभूमि में अब भगीरथपुरा के साथ परदेसीपुरा और पंडा में जल सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर यह अभियान शुरू किया गया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले शुरू हुई इस पहल के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 50 लीटर क्षमता वाले कूलर लगाए गए, ताकि स्थानीय लोगों को साफ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए 200 ऑन-साइट वाटर प्यूरीफिकेशन किट भी वितरित की गईं। आयोजकों के मुताबिक, इन किट में विशेष पाउडर शामिल है, जिसकी मदद से बड़ी मात्रा में पानी को शुद्ध किया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह सामग्री करीब 2,000 से 3,000 परिवारों के लिए पर्याप्त पानी को शुद्ध करने में मदद कर सकती है।
सीवेज नालियों की सफाई
14 अगस्त को भगीरथपुरा और परदेसीपुरा में जल निकायों तथा सीवेज नालियों की सफाई भी कराई गई। अभियान में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और सफाई के लिए जरूरी उपकरणों के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। सिर्फ सफाई और पानी की व्यवस्था तक ही अभियान सीमित नहीं रहा। लोगों को दूषित पानी से होने वाले जोखिम और सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल के बारे में जागरूक भी किया गया। 1xBet ने भगीरथपुरा, परदेसीपुरा और पंडा में 500 से अधिक पर्चे बांटे गए। इनमें भूजल एकत्र करने और पानी को सुरक्षित तरीके से शुद्ध करने से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए गए।
आयोजकों का कहना है कि इंदौर के इन इलाकों में शुरू किया गया अभियान जल सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं से निपटने की दिशा में शुरुआती कदम है। भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की पहल शुरू करने की योजना है।
हालांकि, भगीरथपुरा की पिछली जल त्रासदी ने यह भी दिखाया है कि सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था केवल राहत या अस्थायी उपायों से सुनिश्चित नहीं की जा सकती। पाइपलाइनों की नियमित निगरानी, सीवेज और पेयजल लाइनों के बीच सुरक्षित दूरी, समय पर मरम्मत और पानी की गुणवत्ता की लगातार जांच भी उतनी ही जरूरी है।
