बेंगलुरु के डोड्डागुब्बी इलाके में एक शेल्टर होम से चार विदेशी महिलाओं के फरार होने का मामला सामने आया है, जिससे पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस और शेल्टर होम के कर्मचारियों के अनुसार फरार महिलाएं अफ्रीकी मूल की है। बताया जा रहा है कि ये महिलाएं शेल्टर होम की खिड़की तोड़कर भागने में कामयाब हो गई। पुलिस अब फरार महिलाओं की तलाश में जुटी है।
शेल्टर होम में रह रहे थे 40 विदेशी
यह घटना 11 मई की सुबह करीब 3 बजे से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। उत्तरी बेंगलुरु के डोड्डागुब्बी इलाके में स्थित इस शेल्टर होम को ‘न्यू आर्क मिशन ऑफ इंडिया’ नामक संस्था द्वारा संचालित है। जहां 22 पुरुष और 18 महिलाओं समेत कुल 40 विदेशी नागरिक रह रहे थे। इन सभी को अलग-अलग पुलिस थानों से पकड़कर यहां लगाया गया था और फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के निर्देश पर यहां रखा गया था।
खिड़की तोड़कर भाग निकली महिलाएं
फरार होने वाली महिलाओं की पहचान टोपिस्टा क्विकीरिजा, नगावा शील्लाह उर्फ टिबिव इरेना, सफीना नकन्यिके और फितिना नजेयिमाना के रूप में हुई है। चारों महिलाएं एक साथ योजना बनाकर खिड़की तोड़कर शेल्टर होम से भाग निकलीं। लेकिन इस दौरान स्टाफ को महिलाओं के भागने की भनक तक नहीं लगी। जिससे अब शेल्टर होम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शेल्टर होम के मैनेजर श्रीनिवास एन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन जब उन्हें कोई सुराग नहीं मिला, तब रविवार को उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता को देखते हुए शहर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि शिकायत दर्ज कराने में इतनी देरी क्यों हुई। साथ ही महिलाओं की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया गया है और सभी संभावित जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं महिलाओं के भागने में किसी अंदरूनी व्यक्ति या बाहरी मदद का हाथ तो नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला FRRO के निर्देशों के उल्लंघन से जुड़ा है और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को दिखाता है। प्रशासन अब शेल्टर होम की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की भी समीक्षा कर रहा है।
