Uttar Pradesh First Digital Highway : उत्तर प्रदेश में सड़क परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। एक्सप्रेसवे और हाईवे मार्गों की संख्या में लगातार इजाफा किया जा रहा है। मौजूदा समय में राज्य के पास 15 एक्सप्रेसवे और करीब 12 हजार किलोमीटर लंबाई के हाईवे मार्ग हैं, जिनमें से कईयों पर वाहन दौड़ रहे हैं और कईयों पर कार्य चल रहा था। इन्हीं में से एक डिजिटल राजमार्ग पड़ोसी राज्य नेपाल तक सफर आसान बनाने वाला है, जिसके 6 लेन विस्तार के लिए 27,927 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के विकसित होने से पूर्वी यूपी, श्रावस्ती और नेपाल बॉर्डर तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
यूपी का पहला डिजिटल हाईवे
पूर्वी उत्तर प्रदेश को डायरेक्ट नेपाल के साथ कनेक्टिविटी देने के लिए 6 लेन हाईवे के विस्तार की परिकल्पना की गई है। इस प्रोजेक्ट के विस्तार से रूट के संबंधित जिलों के लोगों समेत अन्य वाहन चालकों को सफर में सहलियत होगी और कम समय में गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
| परियोजना | जानकारी |
| परियोजना का नाम | बाराबंकी-रुपईडीहा नेशनल हाईवे |
| दूसरा नाम | यूपी का पहला डिजिटल हाईवे |
| लेन संख्या | 4, 6 (विस्तार) मंजूरी |
| बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे लंबाई | 153 किमी. |
| बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे शुरुआती बिंदु | शुक्लाई-पलहारी गांव |
| बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे आखिरी बिंदु | रुपईडीहा नेपालगंज (नेपाल) |
| बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे की लागत | 27,927 करोड़ रुपये |
| निर्माणकर्ता एजेंसी | एनएचएआई |
बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे यूपी का पहला डिजिटल हाईवे
बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे परियोजना को 6 लेन के विस्तार के लिए केंद्र ने 27,927 करोड़ रुपये मंजूर किया था। इसके रूट पर बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती से होकर गुजरेगा। इसके खुलने से कटारनिया घाट, दुधवा नेशनल पार्क और सोहेलवा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना बेहद आसान होगा।
बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे (NH-927 का हिस्सा) है, जो बाराबंकी के शुक्लाई-पलहारी गांव के पास से शुरू होता है। यह सड़क मार्ग बाराबंकी के चौपुल क्षेत्र के पास लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे (NH-27) से कनेक्ट होता है। उधर, बहराइच से आगे नेपालगंज होकर वहां से राजमार्ग का हिस्सा हो जाता है। जानकारी के मुताबिक, यह यूपी का पहला डिजिटल हाईवे है, जिससे 4 लेन में बदला जा रहा है और आगे यही 6 लेन में विस्तार होगा।
किसानों की होंगी चांदी
बाराबंकी-रुपईडीहा हाईवे पर प्रतिदिन औसतन 20 हजार वाहन गुजरते हैं। हाईवे की लेन कम होने से वाहनों की रफ्तार कम रहती है और जाम जैसी स्थिति हो जाती है। लिहाजा, इसे 6 लेन तक विस्तार करने की मांग की जा रही थी। फिलहाल, चार चरणों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 6 लेन के लिहाज से भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। जिन किसानों से जमीन खरीदी जा रही है, उन्हें तय सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
डिजिटल हाईवे क्या होता है?
मॉर्डन दौर पर पारंपरिक सड़कों से हटकर डिजिटल और आधुनिक हाईवे एक्सप्रेसवे विकसित किए जा रहे हैं, जो सड़कों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), और स्मार्ट सेंसर इत्यादि टेक्निक की सहूलियत देंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का उद्देश्य हाईस्पीड ट्रैक के साथ सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। लिहाजा, डिजिटली सर्विस से लैस मार्गों पर 24 घंटे कनेक्टिविटी के साथ रियल टाइम ट्रैफिक मैनेजमेंट और हाईस्पीड इंटरनेट सुविधाएं आदि प्रदान करना है। हालांकि, भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे सभी एक्सप्रेसवे डिजिटली विकसित किए जा रहे हैं।
