Delhi: खुले में कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग; सुप्रीम कोर्ट के वकील ने पुलिस कमिश्नर और MCD को दी शिकायत

Delhi News: आगामी बकरीद त्योहार को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और MCD को शिकायत भेजी है। शिकायत में पर्यावरण, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पशु क्रूरता अधिनियम का हवाला देते हुए सड़कों, पार्कों और रिहायशी इलाकों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर खुले में कुर्बानी देने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की गई है।

Delhi News: आगामी 27 मई को देश भर में मनाए जाने वाले बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार से पहले दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और नगर निगम (MCD) को एक औपचारिक शिकायत पत्र भेजा है। इस शिकायत में मांग की गई है कि बकरीद के दौरान रिहायशी इलाकों, सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में पशु वध (कुर्बानी) किए जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए और केवल सरकार द्वारा अधिकृत बूचड़खानों या निर्धारित स्थलों पर ही इसकी अनुमति दी जाए।

Delhi Bakrid open animal sacrifice complaint Vineet Jindal

बकरीद पर खुले में पशु वध के खिलाफ दिल्ली पुलिस और MCD को शिकायत (फाइल फोटो | PTI)

खुले में पशु वध से पर्यावरण, स्वास्थ्य और बच्चों पर बुरा असर

अधिवक्ता विनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हर साल बकरीद के मौके पर दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक रास्तों पर खुलेआम बड़े पैमाने पर पशुओं की कुर्बानी दी जाती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस खुले अभ्यास के कई गंभीर दुष्परिणाम सामने आते हैं। खुले में होने वाले पशु वध को देखकर वहां से गुजरने वाले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और नकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में बहने वाले खून और छोड़े गए पशु अवशेषों के कारण भयंकर गंदगी फैलती है। इससे संक्रमण, बीमारियां और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा होता है।

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