Bagpat News: ऑनलाइन शॉपिंग के पार्सल में चोरों का बड़ा खेल! हब पहुंचते ही मोबाइल हो जाते थे गायब, CCTV को चकमा देकर ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

Bagpat News: ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के बीच बागपत में शिपमेंट की चोरी और हेराफेरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 42 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 40 लाख रुपये है, जबकि कंपनी को इस फर्जीवाड़े से 77 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

Bagpat News: ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के शिपमेंट में चोरी और हेराफेरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का बागपत पुलिस ने खुलासा किया है। बड़ौत पुलिस, सर्विलांस और SWAT बागपत की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अलग-अलग कंपनियों के 42 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, ईस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 13 सितंबर को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि बड़ौत, बागपत और खेकड़ा हब से जुड़े शिपमेंट में करीब डेढ़ साल से चोरी, हेराफेरी, विश्वासघात और धोखाधड़ी की जा रही थी। इस पूरे मामले में कंपनी को करीब 77 लाख 6 हजार 583 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।

Bagpat Shipment Fraud

तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

चुनिंदा शिपमेंट को करते थे गायब

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी फ्लिपकार्ट और दूसरे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से ऐसे पते पर सामान मंगवाते थे, जो उनके डिलीवरी हब के क्षेत्र में आता था। पार्सल हब पहुंचने के बाद आरोपी चुनिंदा शिपमेंट को CCTV कैमरों की नजर से बचाकर गायब कर देते थे। इसके बाद सिस्टम और ई-मेल रिकॉर्ड में इन पार्सलों को अप्राप्त या शॉर्ट ऑर्डर के रूप में दर्ज कर दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी हब की पूरी कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ थे। गिरफ्तार आरोपी आशीष चौधरी पहले हब इंचार्ज के पद पर काम कर चुका था, इसलिए उसे शिपमेंट की आवाजाही और हब की प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर डिलीवरी वाहनों से हब तक शिपमेंट पहुंचने या उन्हें अनलोड किए जाने के दौरान चुनिंदा पार्सल गायब किए जाते थे।

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