Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मंगलवार को एक टेंट कारोबारी और उसके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दिनदहाड़े हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत फैल गई। अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि वरुण लुहारी नाम क मुख्य आरोपी की भी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। अव सवास यह उठता है कि कैसे?
बागपत डबल मर्डर केस में मुख्य आरोपी की इलाज के दौरान मौत (प्रतीकात्मक फोटो)
बुधवार को घटना के विरोध में बड़ौत और बागपत शहर के बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन करके आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। मंगलवार शाम हिस्ट्रीशीटर बदमाश वरुण लुहारी अपने साथियों के साथ सोहनलाल नामक कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और ताबड़तोड़ गोलीबारी करके कारोबारी और उसके बेटे की हत्या कर दी। वारदात के बाद भाग रहे लुहारी को आसपास के लोगों ने पकड़ लिया और इस दौरान भीड़ में से किसी व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान वरुण लुहारी की मौत
पुलिस के अनुसार मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान लुहारी की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि लुहारी ने पुरानी रंजिश के कारण मंगलवार को बड़ौत इलाके में टेंट कारोबारी सोहन लाल (55) और उसके बेटे विकास (30) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद सोहनलाल और विकास का शव उनके पैतृक आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में परिजन, कारोबारी और स्थानीय लोग पहुंचे।
पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सबसे दुखद बात यह है कि विकास की अभी कुछ दिनों पहले ही शादी हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती भी थी। बड़ौत के पुलिस क्षेत्राधिकारी अंशु जैन ने बताया कि लुहारी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था जहां से उसे बेहतर इलाज के लिये दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जैन ने बताया कि उसकी मौत कैसे हुई, इसका सही पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा।
दोनों पक्षों के बीच कई सालों से थी रंजिश
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि मृतक सोहनलाल के भाई की तहरीर पर पुलिस ने लुहारी, उसके भाई तरुण, पिता बाबूराम, सचिन उर्फ मोंटू और जयंत उर्फ गोलू नामक व्यक्तियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीम गठित की गई हैं। जांच में यह भी पता चला है कि दोनों पक्षों के बीच कई सालों से रंजिश थी। पुलिस ने बताया कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर लुहारी अपने साथियों के साथ मंगलवार शाम पौने छह बजे सोहनलाल की दुकान पर पहुंचा था।
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2015 में दर्ज मामले से गहराया विवाद
पुलिस के अनुसार दुकान पर पहुंचते ही लुहारी और उसके साथी ने सोहनलाल और विकास को कई गोलियां मारीं और दुकान से बाहर निकल गए। पुलिस ने बताया को दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2015 में बड़ौत थाने में मामला दर्ज होने के बाद विवाद और बढ़ गया था। 2023 में लुहारी गुट की संपत्तियों को गैंगस्टर अधिनियम के तहत कुर्क कर लिया गया, जिसके बाद परिवार ने बागपत छोड़ दिया और देहरादून में रहने लगा।मंगलवार को अदालत आया था लुहारी
जांचकर्ताओं के मुताबिक, लुहारी एक आपराधिक मामले की सुनवाई के सिलसिले में मंगलवार को अदालत आया था और इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद बड़ौत शहर में तनाव फैल गया जिसके बाद एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था फिलहाल नियंत्रण में है और सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
