27 साल तक चला केस, मिली ऐसी सजा कि शाम को ही घर पहुंचा 80 साल का बुजुर्ग आरोपी

उत्तर प्रदेश के बागपत में 1999 के धमकी और गाली-गलौज के मामले में 27 साल बाद फैसला आया है। 80 साल के बुजुर्ग आरोपी को अदालत ने अनोखी सजा सुनाई है, जो हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है।

मामला उत्तर प्रदेश के बागपत का है। घटना 1999 की है, जब यहां के राजेंद्र सिंह ने गांव के ही धारा सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी। मामला कोर्ट तक पहुंचा और फिर शुरू हुआ तारीख पर तारीख का सिलसिला। इस दौरान 100 तारीखें लगीं और आरोपी राजेंद्र सिंह जवानी की दहलीज को पार करते हुए बुढापे में पहुंच गए। अब आखिरकार 27 साल बाद इस मामले में कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट ने 80 साल के हो चुके आरोपी राजेंद्र सिंह को अनोखी सजा सुनाई है।

Court Order

80 साल के बुजुर्ग को मिली अनोखी सजा

27 साल तक चले केस के बाद कोर्ट ने 80 साल के राजेंद्र सिंह को अदालत से ही रिहा कर दिया। लेकिन इससे पहले CJM ने उन्हें एक अनोखी सजा सुनाई। सजा के तहत उन्हें दिनभर कोर्ट रूम में खड़े रहने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। दिन भर कोर्ट में खड़े रहकर राजेंद्र सिंह ने अपनी सजा पूरी की और शाम को घर लौट गए।

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