कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी अंदरूनी कलह एक बार फिर बृहस्पतिवार को खुलकर सामने आ गई। साल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई संगठनात्मक बैठक के दौरान पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ और ’’बघेल वापस जाओ’’ के नारे लगाए गए। गुरु नानक भवन में आयोजित इस बैठक में बघेल और वडिंग दोनों मौजूद थे।
पंजाब कांग्रेस कार्यक्रम में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग
लस्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब वडिंग ने कथित तौर पर अपने संबोधन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को ’’आरएसएस कार्यकर्ता’’ बताया। इसके बाद दोबारा नारेबाजी शुरू हो गई और वडिंग समर्थकों तथा पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के कथित समर्थकों के बीच कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की भी हुई।
इस घटनाक्रम ने पार्टी की एकजुटता दिखाने की कोशिशों को झटका दिया और पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक हो गई। पंजाब कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी से जूझ रही है, हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार दावा करता रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक जुलाई को कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए थे।
चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग में तनातनी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले पार्टी के एक धड़े ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले का विरोध किया था और उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। बघेल और वडिंग पिछले कुछ दिनों से पार्टी के ’हर बूथ, कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।
इसी अभियान के तहत मंगलवार को फिरोजपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में वडिंग ने स्पष्ट कहा था कि पार्टी के भीतर रहकर विरोधियों को फायदा पहुंचाने वाले ’’स्लीपर सेल’’ के सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टिकट का फैसला पार्टी आलाकमान करेगा, लेकिन वह यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे 'स्लीपर सेल' से जुड़े किसी भी व्यक्ति को टिकट न मिले। वडिंग ने कहा कि कांग्रेस के प्रति निष्ठा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
