Abdullah Azam Khan Statement: हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने मीडिया के सामने बयान दिया। अब्दुल्ला आजम ने कहा, "हमारे पास कोई राइट नहीं है। हम इंसान नहीं हैं। हम जानवर हैं। जो इतनी बेइज्जती और जिल्लत की जिंदगी के बाद भी जिंदा हैं।" गौरतलब है कि हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान की भी रामपुर जेल से रिहाई होनी थी। लेकिन जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम आजम खान को अपने साथ ले गई।
अब्दुल्ला आजम खान (फोटो साभार- ANI)
जेल से बाहर आते ही बोले अब्दुल्ला आजम
अब्दुल्ला आजम ने अपनी जन्मतिथि विवाद पर बात करते हुए कहा, "मैं बदनसीब हूं कि मेरे जन्म का वीडियो एविडेंस है, अस्पताल का रिकॉर्ड है, मां की मैटरनिटी लीव से लेकर हर चीज मौजूद है, लेकिन मैं पिछले सात सालों से सिर्फ इस बात की सजा काट रहा हूं कि मैंने गलत जन्म तिथि ठीक क्यों करा ली। मेरी बदनसीबी है कि मैं इस सच को साबित नहीं कर सका क्योंकि मेरा नाम अब्दुल्ला है। अगर मेरा नाम अब्दुल्ला नहीं होता तो शायद मैं इस सच को साबित कर पाता।"
'हमारे नाम के कारण हो रहा ऐसा'
उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में हमारे साथ जो हुआ है, शायद ही किसी के साथ हुआ होगा। भैंस चोरी, बकरी चोरी, मुर्गी चोरी... आजम साहब को 10 साल की सजा टीवी-फ्रिज चोरी में नहीं, करवाने में हो गई और उस जगह पर हो गई जहां कभी घर-मकान थे ही नहीं। अपने पिता आजम खान का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "आजम साहब दस बार विधायक और दो बार सांसद रहे। उनकी एक ही गलती थी कि उन्होंने रामपुर में बच्चों की शिक्षा का इंतजाम किया, जहां कभी साक्षरता दर सिर्फ 22 फीसदी थी। उनका सपना था कि उनके शहर में एक यूनिवर्सिटी हो। अगर उन्होंने यह सपना न देखा होता और दूसरे विधायकों-सांसदों की तरह अपना काम चलाया होता तो उनके साथ कुछ न होता। उन्हें उनके सपने की सजा मिली। हमें हमारे नाम की सजा मिली।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर हमारे नाम आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान न होते तो शायद हमारे साथ ऐसा न होता। यही सच है। कोई कुछ भी कहे, यही एकमात्र सच है। हम अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और वही लड़ते रहेंगे। आज हम जमानत की प्रक्रिया पूरी करेंगे, कल फिर आजम साहब को टीवी-फ्रिज चोरी में दस साल की सजा हो जाएगी, यही होता आया है।"
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जेल के गेट पर ही ED ने किया गिरफ्तार
आजम खान की रिहाई के कुछ मिनट बाद ही उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया। रामपुर जेल के बाहर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहले से ही उनका इंतजार कर रही थी। जैसे ही आजम खान भीड़ के बीच बाहर निकले, ED ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ED ने बयान जारी कर बताया कि हमने आजम खान को हिरासत में ले लिया है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर गाजियाबाद स्थित PMLA अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। हाल ही में एजेंसी ने यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारत को कुर्क किया था।
