Azam Khan Bail: समाजवादी पार्टी नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान को दो पैन कार्ड रखने के मामले में राहत मिल गई है। आजम खान और अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। दोनों की सजा निलंबित कर दी गई है, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग नामंजूर कर दी गई। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को मिली राहत
दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा को निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग करते हुए दायर की थी क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी। 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने आज ये फैसला सुनाया।
निचली अदालत का फैसला
यह पूरा मामला मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान द्वारा धोखाधड़ी से दो अलग-अलग पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने और उनका इस्तेमाल करने से जुड़ा है। इसमें बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने साल 2019 में रामपुर में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने 23 मई 2026 को आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल और अब्दुल्ला आजम की सजा 7 साल बरकरार रखी थी। दो पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से ही आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं। MP-MLA सेशन कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थीं।
मुख्य आरोप क्या है?
- आरोप है कि अब्दुल्ला आजम खान के पास दो अलग-अलग जन्म तिथियों वाले दो पैन कार्ड थे। पहले पैन कार्ड में उनकी जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 दर्शाई गई थी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने बैंक खातों और व्यापारिक उद्देश्यों के लिए किया।
- दूसरे पैन कार्ड में उनकी जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 दिखाई गई थी। आरोप है कि इस पैन कार्ड का इस्तेमाल उन्होंने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्र की पात्रता (25 वर्ष) पूरी करने के लिए किया था।
- आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए बेटे के ये फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की और साजिश रची।
