असम में हर साल तबाही मचाने वाली नदी कटाव की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों से होने वाले लगातार कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए वैज्ञानिक योजना (साइंटिफिक प्लान) तैयार करेगी। इसके लिए IIT गुवाहाटी (IIT Guwahati) के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, ताकि नदी किनारे रहने वाले लोगों को लंबे समय तक सुरक्षा मिल सके।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (File Image)
दिब्रूगढ़ के कटाव प्रभावित इलाकों का किया दौरा
मुख्यमंत्री अपने चार दिवसीय अपर असम दौरे के पहले दिन दिब्रूगढ़ जिले के पुखुरीजान क्षेत्र पहुंचे। जहां उन्होंने नदी कटाव से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। सीएम ने यहां स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
90 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संसाधन विभाग अब तक प्रभावित इलाकों में राहत के लिए छोटे स्तर पर कदम उठाता रहा है, लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी की विनाशकारी प्रकृति को देखते हुए एक स्थाई और वैज्ञानिक समाधान की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि विभाग ने प्रभावित इलाकों के लिए 90 करोड़ रुपये की लागत वाले भूस्खलन निवारण परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट को और मजबूती देने के लिए IIT गुवाहाटी के एक्सपर्ट्स की तकनीकी सलाह ली जाएगी, ताकि इसका असर लंबे समय तक बना रहे।
लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
सीएम सरमा ने कहा कि सरकार लोगों के जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नदी कटाव की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान निकालने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
ऑयल इंडिया की ड्रिलिंग साइट का भी किया निरीक्षण
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑयल इंडिया लिमिटेड की ईस्ट खागोरिजन-6 (East Khagorijan-6) ड्रिलिंग रिग का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। सीएम सरमा ने डिब्रूगढ़ पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल के आवास पर जाकर उनके दिवंगत बड़े भाई स्वर्गीय मिष्टा प्रसाद सोनोवाल को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार से मिले।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी करेंगे दौरा
अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नाजिरा, संतक, बिहुबार, सुमोनिगांव और सोनारी जैसे बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भी जाएंगे। जहां वे राहत शिविरों का जायजा लेंगे, प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे।
