ये कैसी अंधभक्ति : सिविल अस्पताल में बलात्कार के दोषी आसाराम की तस्वीर लगाकर पूजा करने लगी डॉक्टर

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा होती है। उनके लिए व्रत रखे जाते हैं और प्रसाद का सेवन व वितरण किया जाता है। लेकिन सूरत के सिविल अस्पताल में बच्चों की डॉक्टर पर बच्चियों के बलात्कार मामले में दोषी और जेल की सजा काट रहे आसाराम की अंधभक्ति इस कदर सवार हुई कि अस्पताल में ही तस्वीर लगाकर पूजा करने लगी। इस घटना से वहां बवाल हो गया।

इन दिनों देशभर में नवरात्रि की धूम है। हर तरफ माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं। देश में भक्तिमय माहौल है, लेकिन इस बीच गुजरात के सूरत शहर में सूरत सिविल अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में नवरात्रि के दौरान माता रानी की बजाय, मासूम लड़कियों के साथ बलात्कार के दोषी आसाराम की पूजा-आरती का मामला सामने आया है। मामला कल यानी सोमवार 22 सितंबर के दिन यानी पहले नवरात्र का है।

Hospital Superintendent Dr Ketan

अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट डॉ केतन नायक ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की

सिविल अस्पताल के स्टेम सेल बिल्डिंग के गेट पर कुछ कर्मचारियों ने आसाराम की पूजा आरती की, जिससे सभी लोग आश्चर्यचकित हैं। बड़ी बात तो यह है कि आसाराम की तस्वीर रखकर पूजा करने वालों में बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) डॉ. जिगिशा पाटड़िया भी शामिल थीं। इस दौरान वहां नर्सें और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।

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