अमृतसर का नाम कैसे पड़ा, जानें इसका इतिहास और क्यों कुछ लोग कहते हैं अंबरसर

अमृतसर आज लुधियाना के बाद पंजाब का दूसरा सबसे बड़ा जिला और सबसे बड़ा शहर है। यह पंजाब की आर्थिक राजधानी है और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यहां पर विश्व प्रसिद्ध गोल्डन टेम्पल यानी हरमंदिर साहिब है। इसी अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ था। जानिए कब और कैसे इस शहर की नींव पड़ी, कैसे इस शहर को उसका यह नाम मिला।

KEY HIGHLIGHTS
  1. अमृतसर से पाकिस्तान का लाहौर सिर्फ 47 किमी दूर है
  2. मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि का आश्रम यहीं पर था
  3. एक समय अमृतसर मोटी दीवार से घिरा था और उसमें कुल 12 दरवाजे थे

अमृतसर पंजाब का दूसरा सबसे बड़ा जिला और सबसे बड़ा शहर है। वैसे बता दें कि पंजाब का सबसे बड़ा जिला लुधियाना है। अमृतसर पंजाब के माझा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यह संस्कृति, यातायात और पंजाब में आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है। अमृतसर शहर ही अमृतसर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। अमृतसर पंजाब और हरियाणा की राजधानी व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से 217 किमी उत्तर-पश्चिम में बसा शहर है। दिल्ली से अमृतसर की दूरी करीब 455 किमी है। अमृतसर भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। अमृतसर शहर से अटारी-वाघा बॉर्डर मात्र 28 किमी दूर है और पाकिस्तान के सबसे बड़े शहरों में से एक लाहौर की दूरी यहां से सिर्फ 47 किमी है।

My City Amritsar.

अमृतसर की कहानी

अमृतसर के अन्य नाम

अमृतसर के तो नाम में ही अमृत है। अमृतसर के अलावा भी इस शहर को कई अन्य नामों से जाना जाता है और पूर्व में जाना जाता था।

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