बदरीनाथ: भारी बारिश के कारण बदरीनाथ धाम में अलकनंदा नदी उफान पर है। लगातार नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर पानी लेकर बह रही है। फिलहाल, यात्रियों व स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो नदी किनारे न जाएं। साथ ही तप्तकुंड को भी खाली करा दिया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग बह गया है। इससे इस क्षेत्र में रिवर फ्रंट का काम बंद हो गया है। यहां पर कंपनी की कुछ मशीनें भी फंसी होने की भी खबर हैं। डंपर, जेसीबी मशीन और मजदूरों को कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए यह मार्ग बनाया गया था।
अलकनंदा नदी में बाढ
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शाम के वक्त बढ़ रहा जलस्तर
दरअसल, ऊंची चोटियों में लगातार बर्फ पिघल रही है, जिसके चलते अलकनंदा का बहाव कई बार अचानक सायं काल के वक्त बहुत तेजी से बढ़ जाता है। हालांकि बद्रीनाथ धाम में पुलिस प्रशासन की टीम चप्पे-चप्पे पर मौजूद है। सभी तीर्थ यात्रियों को नदी के आसपास न जाने की सलाह भी दे रहे हैं। हालांकि, बद्रीनाथ धाम में कभी अचानक हल्की-फुल्की बारिश शुरू हो जा रही है, लेकिन बद्रीनाथ धाम में अभी भी गर्मी का सितम जारी है। भगवान नारायण धाम में हर दिन 10 हजार से अधिक तीर्थ यात्री भगवान नारायण हरि के दर्शन प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बार भगवान बद्री विशाल जी के धाम में रिकॉर्ड तोड़ तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं।कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उधर, बाढ़ से प्रभावित इलाकों से निकलने के लिए दूसरी जगह से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जिससे रिवर फ्रंट का काम फिर से शुरू किया जा सके। त्तराखंड में मानसूनी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कई क्षेत्रों में सभी निजी और सरकारी स्कूलों की छुट्टी के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से बहुत जरूरी होने पर ही पहाड़ी मार्गों पर सफर करने की अपील की है।
(इनपुट-आईएनएस)
