दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं।
Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav (File image)
अखिलेश यादव ने कहा कि इस कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग, सरकार और भाजपा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में जब कोई व्यक्ति अपनी आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
‘लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने की कोशिश’
सपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार मिलकर चुनाव करा रहे हैं, इसके बावजूद मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई संविधान की मूल भावना पर सवाल खड़े करती है।अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर उस रास्ते को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश को दिखाया था।
हालांकि, मतदाता सूची और SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग पर प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग और सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है।
‘सरकार के जाने का समय आता है तो दबाव बनाया जाता है’
अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोई सरकार कमजोर होती है तो वह अन्याय का सहारा लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता छोड़ने का समय नजदीक आने पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं और लोगों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष रहना चाहिए। सपा प्रमुख ने दावा किया कि चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर देश की कई राजनीतिक पार्टियां सवाल उठा रही हैं।
योगी सरकार पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर स्टार्टअप और डिजिटल इंडिया को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इन विषयों की जानकारी नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बारिश के बाद एक्सप्रेसवे पर गड्ढे हो जाते हैं और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है।गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसे इस तरह बनाया गया है कि बारिश के बाद वहां मछली भी पकड़ी जा सकती है। यह अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप और व्यंग्य है; उन्होंने अपने बयान में एक्सप्रेसवे निर्माण और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
