लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानों और आरोपों का दौर तेज़ हो गया है। नीट पेपर लीक और उसके बाद जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस की बर्बरता को लेकर पक्ष-विपक्ष में आरोपों का दौर तेज है। इस दौरान संसद कूच के लिए निकले छात्रों और प्रदर्शनकारियों के ऊपर लाठियां भांजी गईं और आंसू गैस के गोलों के साथ पैलेट गन चलाने के गंभीर आरोप लगे। इस विपक्ष एक सुर में बोल रहा है तो सत्ता पक्ष इसे देश के खिलाफ उठी आवाज बता रहा है। हालांकि, इन सबके बीच शुक्रवार की रात पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान कथित आपत्तिजनक स्टेटमेंट देने वाले बच्चों को माफ करने की बात कही। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपाई दंडवत् माफ़ी भी मांगेंगे तो जनता कभी माफ नहीं करेगी।
कार्यकर्ताओं से मिलते अखिलेश यादव
राजनीतिक अहंकार और माफ़ी पर तल्ख़ टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में जंतर-मंतर पर कथित रूप से अपशब्द कहे जाने वाले मामले में माफ़ी से जुड़ी खबरों पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा की 'माफ़ी' वाली राजनीति को पुरानी और आउटडेटेड चाल बताया।
सपा अध्यक्ष ने कहा, "भाजपाइयों का सबसे बड़ा संकट ये है कि वे अब अगर जनता से दंडवत् माफ़ी भी मांगेंगे, तो भी जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी, क्योंकि उन्होंने अपने वादे कभी नहीं निभाए।" उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी दूसरों पर माफ़ी मांगने के लिए दबाव बनाने की नकारात्मक राजनीति करती है, जिससे जनता का आक्रोश और अधिक बढ़ रहा है। अखिलेश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "भाजपा का अहंकार ही उनकी सरकार को गिराएगा।
इसके अलावा अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं, बल्कि पार्टी की कार्यशैली और उसके 'अहंकार' पर भी बड़ा प्रहार किया है।
'बटेश्वर कॉरिडोर' में भ्रष्टाचार का आरोप
अखिलेश यादव ने 'बटेश्वर कॉरिडोर' के निर्माण कार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया है। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे 'बेतहाशा भ्रष्टाचार' का उदाहरण बताया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसमें बिना बेस के सीधे मिट्टी पर PCC (प्लेन सीमेंट कॉन्क्रीट) डाली जा रही है। कॉरिडोर के निर्माण में घटिया किस्म के कॉन्क्रीट और पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि डिज़ाइन की खामियों को लेकर कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई।
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि भाजपा शासन में यदि कोई ईमानदार नागरिक या जनप्रतिनिधि आवाज़ उठाने की कोशिश करता है, तो उसे सुनवाई के बजाय धमकियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "भाजपा राज में सुनवाई की जगह सिर्फ धमकाई हो रही है।"
'अटल प्रोग्रेस वे' को बताया 'जुमला'
भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ अखिलेश यादव ने भाजपा से पुरानी परियोजनाओं को लेकर भी जवाब मांगा है। उन्होंने 'अटल प्रोग्रेस वे' के निर्माण का ज़िक्र करते हुए जनता की ओर से तीखा सवाल किया कि क्या यह परियोजना भी भाजपा के लिए महज़ एक 'जुमला' साबित हुई है?
