Ahmedabad Honor Killing Case: अहमदाबाद में 22 वर्षीय सोफिया की मौत के मामले में पुलिस ने कथित ऑनर किलिंग का खुलासा किया है। इस मामले में युवती के भाई और पिता को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत में यह मामला हिट एंड रन के तौर पर दर्ज कराया गया था। लेकिन मामले में जांच के दौरान पुलिस को शिकायत, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल में कई विरोधाभास मिले। पुलिस का आरोप है कि पिता और भाई ने हथौड़ी से युवती की हत्या कर शव को सड़क हादसा दिखाने की साजिश रची। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पिता-बेटे पर सोफिया की हत्या का आरोप
पहले दर्ज कराई गई थी हिट एंड रन की शिकायत
जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय सोफिया बापोल इलाके में निकी हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर काम करती थी। 12 अगस्त की रात सोफिया को गंभीर हालत में सोल सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां 13 अगस्त की रात 12:05 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में मृतका के 38 वर्षीय भाई मोहम्मद हाबिल मोहम्मद फारूक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने पुलिस को बताया था कि वह अपनी बहन सोफिया को निकी अस्पताल से बाइक पर लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे सोफिया के सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई। यह मामला एम डिवीजन ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में बीएनएस (BNS) और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
CCTV और कॉल डिटेल से खुला सच
मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई विरोधाभास सामने आई, जिससे उनकी शक की सुई परिवार पर घूम गई। शिकायत में भाई ने कहा था कि बाइक पर सिर्फ वह और सोफिया ही बैठे थे, जबकि रास्ते और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर तीन लोग बैठे हुए नजर आए। जिसमें एक व्यक्ति हेलमेट पहनकर बाइक चला रहा था, बीच में हाबिल था और पीछे सोफिया बैठी थी। इसके अलावा, बताए गए रूट और समय पर कोई हादसा भी रिकॉर्ड नहीं हुआ।
शिकायत में भाई ने दावा किया था कि हादसे के बाद वह बेहोश हो गया था और बाद में एक रिक्शा चालक ने फोन कर पिता को सूचना दी। लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि 12 अगस्त की रात 10:52 बजे उसके फोन पर एक इनकमिंग कॉल आई थी, जो उसके बयान से मेल नहीं खाती थी।
वायरल वीडियो और प्रतिष्ठा की चिंता
एसीपी ट्रैफिक एस.जे. मोदी ने बताया कि जांच में सामने आया कि करीब तीन महीने पहले सोफिया का किसी युवक के साथ एक वीडियो वायरल हो गया था। पुलिस का आरोप है कि यह वीडियो परिवार और बिरादरी तक पहुंच गया था, जिससे परिवार अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर बहुत चिंतित था। परिवार का यह भी मानना था कि इस वजह से परिवार की एक अन्य बेटी की शादी में भी रुकावट आ रही थी।
गोदाम में रची गई थी खौफनाक साजिश
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, पिता मोहम्मद फारूक नवाबखान (56) और भाई मोहम्मद हाबिल ने मिलकर सोफिया की हत्या की योजना बनाई थी। दोनों अपने गोदाम से हथौड़ी लेकर आए थे ताकि हत्या को सड़क हादसे के रूप में दिखाया जा सके। 12 अगस्त की रात पिता ने मोटरसाइकिल चलाई, हाबिल पीछे बैठा और सोफिया को भी साथ लिया गया। तीनों शेला और एसपी रिंग रोड से होते हुए एक सुनसान कच्चे रास्ते पर पहुंचे, जहां हाबिल ने कथित तौर पर हथौड़ी से सोफिया के सिर के पिछले हिस्से पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस सनसनीखेज खुलासे के बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
