Banke Bihari Mandir: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के लिए एक ट्रस्ट की स्थापना की है। इस ट्रस्ट का गठन बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश-2025 के तहत किया गया, जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधायी विभाग ने अधिसूचित कर दिया है। यह कदम अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा-वृंदावन के धार्मिक एवं पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए उठाया गया है।
बांके बिहारी मंदिर में ट्रस्ट का निर्माण
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बांके बिहारी मंदिर में अब एक कॉरिडोर भी बनाया जाएगा। इस ट्रस्ट के पदाधिकारी मंदिर में पूजा और अन्य व्यवस्थाओं का निर्धारण करेंगे। ट्रस्ट में कुल 18 सदस्य होंगे, जिनमें 11 चयनित और 7 पदेन ट्रस्टी शामिल होंगे। इस नए ट्रस्ट की स्थापना से मंदिर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की संभावना है। यह कदम वृंदावन की धार्मिक विरासत को संरक्षित रखने और उसके विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
चयनित हुए ये ट्रस्टी
चयनित ट्रस्टी के रूप में वैष्णव संप्रदाय से तीन प्रतिष्ठित संत, गुरु, विद्वान, आचार्य या महंत हैं। इसके साथ ही, सनातन धर्म की अन्य परंपराओं से तीन प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्तित्व भी इस समूह का हिस्सा होंगे। इसके अतिरिक्त, सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, उद्यम, वृत्ति तथा समाजसेवा में अपनी पहचान बनाने वाले तीन प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। साथ ही, गोस्वामी परंपरा के दो प्रतिनिधि, स्वामी हरिदास के वंशजों में से एक राज भोग सेवायत और एक शयन भोग सेवायत भी इस ट्रस्ट का महत्वपूर्ण अंग होंगे।
पदेन ट्रस्टी में रहेंगे ये
साथ ही, मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर आयुक्त पदेन ट्रस्टी के रूप में शामिल हैं। इनके साथ ही उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, धर्मार्थ कार्य विभाग से एक अधिकारी, तथा श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी इस समूह का हिस्सा हैं। ट्रस्ट के उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अतिरिक्त सदस्य भी नियुक्त किया जाता है, जो इसके कार्यों में सहयोग करता है।
