ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे : देश में एक के बाद एक कई एक्सप्रेसवे बनते जा रहे हैं, जो दूरियों को कम करने में मदद कर रहे हैं। इसमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, समृद्धि एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, चेन्नई-बेंगलोर एक्सप्रेसवे आदि के नाम लिए जा सकते हैं। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक और एक्सप्रेसवे बनाने जा रहा है। 88 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का नाम ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे है।
ग्वालियर और आगरा को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे (फोटो- AI Image)
88 किमी लंबा यह पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मध्यप्रदेश में ग्वालियर और उत्तर प्रदेश में आगरा को जोड़ेगा। जब यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा तो आगरा और ग्वालियर इन दोनों ऐतिहासिक शहरों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी।
ग्वालियर में यहां से शुरू होगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे तीन राज्यों यानी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश से गुजरेगा। एक्सप्रेसवे के लिए NHAI ने मुरैना, आगरा और धौलपुर में जमीन अधिग्रहण का कार्य भी पूरा कर लिया है। आगरा और ग्वालियर जैसे ऐतिहासिक शहरों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे ग्वालियर में निरावली तिराहा से शुरू होगा और आगरा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तक जाएगा।
2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा एक्सप्रेसवे
ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे पर कोटा के पास एक इंटरचेंज बनाया जाएगा जो इसे देश के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ेगा। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम इसी साल यानी नवंबर 2025 में शुरू हो जाएगा और इसका काम 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
कितने गांवों की जमीन का हुआ अधिग्रहण?
ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे कुल 6 लेन का होगा और इसे बनाने का काम उदयपुर की एक कंपनी को दिया गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के 14 गांवों, राजस्थान के 18 गांवों और मध्य प्रदेश के 30 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यही नहीं उदयपुर की इसी कंस्ट्रक्शन कंपनी को ग्वालियर व आगरा के बीच NH44 को भी रिपेयर करना होगा।
कितने ब्रिज बनाए जाएंगे?
अभी ग्वालियर और आगरा के बीच की दूरी तय करने में दोनों तरफ से 3 घंटे का समय लगता है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यह दूरी मात्र डेढ़ घंटे में तय हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे पर 42 अंडरपास, 8 बड़े और 23 छोटे ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 5 एलिवेटेड वायाडक्ट, 6 फ्लाइओवर और 1 रेलवे ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर GPSआधारित टोल और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा।
