Agra: शनिवार को हाई स्कूल और इंटर के रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। जिसमें आजीवन कारावास में दोषसिद्ध कैदियों ने भी सफलाता प्राप्त की है। जेल में बंद इन कैदियों ने अपने मांथे पर लगे कलंक से हार नहीं मानी, बल्कि निराशा छोड़कर कड़ी मेहनत की और बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। अपने प्रयासों से बोर्ड परीक्षा में प्रथम क्षेणी में उत्तीर्ण होने पर पूरे कारागार प्रशासन और कैदियों ने उन्हें बधाइयां दी। जिला और केंद्रीय कारागार के 15 कैदियों ने यूपी बोर्ड परिक्षा में सफलता हासिल की है।
केंद्रीय कारागार में बंद 15 कैदियों ने बोर्ड परीक्षा में पाई सफलता
15 कैदियों ने बोर्ड परीक्षा में मारी बाजी
ये कैदी आजीवन कारावास में दोषसिद्ध होने के बाद से केंद्रीय कारागार में बंद थे। लेकिन, मन में एक कसक थी कि माथे पर लगा अनपढ़ का कलंक धोना है। इसके लिए उन्होंने जेल में बंद होने के बाद भी हार नहीं मानी, निराशा छोड़कर मेहनत की और परीक्षा दिए। शनिवार को जब यूपी बोर्ड का परिणाम जारी हुआ, तो हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने की उनकी खुशी में पूरा केंद्रीय कारागार प्रशासन और साथी कैदी शामिल हुए। उन्हें बधाई दी। जिला और केंद्रीय कारागार में उनके जैसे 15 कैदियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
आजीवन कारावास, मगर नहीं मानी हार
आजावीन करावास की सजा काट रहे फिरोजाबाद निवासी 35 वर्षीय बंदी प्रेमवीर, 32 वर्षीय वीरेश्वर यादव, 40 वर्षीय शीलेश, 24 वर्षीय अभिषेक ने इंटर की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से और 10 वर्ष की सजा काट रहे जितेंद्र कुमार ने तृतीय श्रेणी में इंटर उत्तीर्ण किया। आजावीन कारावास में दोषसिद्ध बंदी हरीशचंद्र, 29 वर्षीय त्रिवेंद्र, 29 वर्षीय धरेंद्र ने हाईस्कूल प्रथम श्रेणी और आजीवन कारावास में दोषसिद्ध बंदी 25 वर्षीय अलाउद्दीन ने हाईस्कूल द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण किया।
रिहा हो चुके कैदियों के अच्छे परिणाम
जिला कारागर से 26 अक्टूबर 2023 को रिहा हो चुके सिकंदरा निवासी शिवम माहौल और छह अप्रैल को रिहा हुए एत्माद्दौला निवासी शिवम राजपूत इंटर में 50 प्रतिशत अंक लाकर उत्तीर्ण हुए। जिला जेल में पाक्सों एक्ट में निरुद्ध ताजगंज निवासी सौरभ ने हाईस्कूल में 70 प्रतिशत, किरावली निवासी सोनवीर ने 68 प्रतिशत, जगनेर निर्वाीस रामराज ने 61 प्रतिशत के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। 22 मार्च को रिहा हुए एत्माद्दौला निवासी गुड्डू भी 66 प्रतिशत लाकर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं।
