उसकी उम्र महज 10 साल है। उम्र के साथ ही उसकी हाइट भी अभी कम ही है। लेकिन उसके साहस और दृढ़ संकल्प ने उसका कद कई गुना बढ़ा दिया है। कहानी उत्तर प्रदेश में आगरा से लगभग 25 किमी दूर कौलारा कलां गांव की है। यहां वंशिका नाम की 10 साल की एक बच्ची का साहस और दृढ़ संकल्प एक बड़े बदलाव का कारण बना।
10 साल की वंशिका के साहस की हो रही तारीफ (AI Image)
वंशिका के गांव में आबकारी विभाग ने एक शराब का ठेका खोद दिया था। वंशिका ने इस ठेके को बंद कराने की ठान ली। इसके लिए वह 17 दिनों तक अनशन पर बैठी रही। वंशिका के इस अनशन में उसके पिता बंटी सिकरवार भी शामिल हुए। वह भी 17 दिन तक अनशन पर बैठे रहे।
वंशिका का कहना है कि गांव में शराब का ठेका खुलने की वजह से गांव की महिलाओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। शराब का ठेका हटवाने के लिए ग्रामीणों ने भी वंशिका का समर्थन किया और ठेका हटाने की मांग की।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने वंशिका के अनशन को देखते हुए गांव का दौरा किया। उन्हों वंशिका और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद बबीता चौहान ने अधिकारियों को गांव से तुरंत शराब का ठेका हटाने का निर्देश दिया।
यही नहीं बबीता चौहान ने वंशिका और उसके पिता को जूस पिलाकर उनका अनशन भी तुड़वाया। इसके साथ ही उन्होंने बच्ची का मेडिकल चेकअप कराने के भी आदेश दिए। वंशिका के 17 दिन के अनशन के साहसिक कदम के बारे में जिसने भी सुना हर कोई उसकी तारीफ ही कर रहा है।
