Braj Ki Holi: लट्ठमार-छड्डीमार के बाद खेली जाएगी अनोखी होली, विशालकाय पिचकारी से सराबोर होगा वृंदावन; जानिए क्या है खास

Vrindavan Ki Holi: वृंदावन के श्री प्रियाकांत जू मंदिर में हाइड्रोलिक होली खेली जाएगी। आज प्रमुख धार्मिक नेता देवकीनंदन महाराज हाइड्रोलिक पिचकारी का उपयोग करके भक्तों पर रंगों की वर्षा करेंगे, जो इस मंदिर में होली उत्सव की एक विशेष विशेषता बन गई है।

Vrindavan Ki Holi: वृंदावन स्थित श्री प्रियाकान्त जू मंदिर में गुरुवार को हाइड्रोलिक होली खेली जाएगी। देश में होली की धूम है। 13 मार्च को होलिका दहन है। मथुरा वृंदावन में बसंत पंचमी के बाद से ही रंग-अबीर-गुलाल से लोग होली मना रहे हैं। वहीं श्री प्रियाकांत जू मंदिर में लड्डू-जलेबी होली, रसिया होली, लट्ठमार होली, छड्डीमार होली और गुलाल होली के बाद आज प्रमुख धार्मिक नेता देवकीनंदन महाराज हाइड्रोलिक पिचकारी का उपयोग करके भक्तों पर रंगों की वर्षा करेंगे, जो इस मंदिर में होली उत्सव की एक विशेष विशेषता बन गई है।

Braj Ki Holi 2025

ब्रज की होली

मंदिर के अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम के लिए रंग प्राकृतिक टेसू के फूलों से तैयार किए गए हैं, ताकि पर्यावरण के अनुकूल उत्सव सुनिश्चित किया जा सके। विगत आठ दिनों से श्री प्रियाकांत जू मंदिर में होली खेली जा रही है। मंदिर में होली उत्सव की शुरुआत विश्व शांति प्रार्थना और श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के साथ हुई। कार्यक्रम के पहले दिन प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं ने भाग लिया, जिसमें हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास महाराज और सत्यमित्रानंद महाराज शामिल थे, जिन्होंने व्यासपीठ पूजन किया और भक्तों को संबोधित किया।

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