Ramshankar Katheria News: इटावा से भाजपा सांसद राम शंकर कठेरिया को अदालत से बड़ा झटका लगा है। स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट ने टोरंट अधिकारी से मारपीट के आरोप में सांसद कठेरिया का दोषी पाया। अदालत ने राम शंकर कठेरिया को दो साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही सांसद पर जुर्माना भी लगाया गया है।
भाजपा सांसद को 12 साल पुराने मामले में मिली सजा।
मॉल में एक कंपनी में तोड़फोड़ के मामले में दोषी
एमपी-एमएलए कोर्ट ने 2012 में एक मॉल में एक कंपनी में तोड़फोड़ के मामले में इटावा से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को दो साल की कैद की सजा सुनाई। उन्हें आईपीसी की धारा 147 (दंगा) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दोषी पाया गया। बता दें, मोदी सरकार 1.0 में राम शंकर कठेरिया राज्य मंत्री रहे। वो एससी-एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। लोकसभा चुनाव 2009 और 2014 में उन्होंने आगरा से चुनाव जीता था।
मोदी सरकार में मंत्री रहे राम शंकर कठेरिया
उत्तर प्रदेश के आगरा से दो बार सांसद रहे राम शंकर कठेरिया फिलहाल इटावा से सांसद है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था। वो इस पद पर 6 जुलाई 2016 तक रहे। कठेरिया आगरा विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर रहे हैं। उन्होंने प्रोफेसर रहते हुए राजनीति में कदम रखा और करीब 13 वर्षों तक आगरा में आरएसएस के प्रचारक के रूप में काम किया।
राम शंकर कठेरिया की सांसदी जानी तय
नियम के अनुसार अब राम शंकर कठेरिया की सांसदी जानी तय मानी जा रही है। दो साल या दो साल से अधिक की सजा मिलने पर लोकसभा की सदस्यता अपने आप रद्द हो जाती है। उन्होंने अपनी सजा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'मैं सामान्य रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित हुआ। कोर्ट ने आज मेरे खिलाफ फैसला दिया है। मैं अदालत का सम्मान करता हूं, मेरे पास अपील करने का अधिकार है और मैं इसका प्रयोग करूंगा।'
किस मामले में मिली सांसद कठेरिया को सजा?
आगरा के साकेत माल स्थित टोरंट पावर लिमिटेड कार्यालय में 16 नवंबर 2011 को दोपहर 12:10 बजे मैनेजर भावेश रसिक लाल शाह बिजली चोरी से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण कर रहे थे। इसी वक्त तत्कालीन आगरा सांसद राम शंकर कठेरिया अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। टोरंट अधिकारी भावेश रसिक लाल शाह के कार्यालय में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। टोरंट पावर के सुरक्षा निरीक्षक समेधी लाल ने हरीपर्वत थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। कठेरिया और समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, इसी मामले में अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया है।
