आगरा में ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राज चौहान हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले का मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह एनकाउंटर टेड़ी बगिया इलाके में कांशीराम आवास के पास उस समय हुआ, जब पुलिस आरोपी को हत्या में इस्तेमाल किए गए तमंचे की बरामदगी के लिए लेकर गई थी।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी
मुख्य आरोपी की हो गई थी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 23 जनवरी की रात राज चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त नगर सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में नौ टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान मुख्य आरोपी अरबाज खान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद उसे हथियार बरामदगी के लिए घटनास्थल के पास ले जाया जा रहा था।
सरकारी पिस्टल छीनकर की फायरिंग
29 जनवरी की रात करीब दो बजे, जैसे ही पुलिस टीम टेड़ी बगिया स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास पहुंची, अरबाज ने अचानक एक उपनिरीक्षक को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली और भागने लगा। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में सिपाही मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए, जबकि थाना प्रभारी ट्रांस यमुना उपनिरीक्षक हरेंद्र कुमार और कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं।
जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरबाज खान के सीने और पैर में गोली लगी। गंभीर रूप से घायल आरोपी को पहले जिला अस्पताल और फिर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल आगरा में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अरबाज खान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह 23 जनवरी को टेड़ी बगिया स्थित एसएन गेस्ट हाउस में राज चौहान की चार गोलियां मारकर की गई हत्या का मुख्य आरोपी था। इस हत्याकांड में मोहित पंडित और आशु तिवारी के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
