मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित विजयनगर आवास के मुख्य द्वार और बाहरी दीवार पर विवादित स्लोगन लिखने के आरोपी छह कांग्रेस नेताओं को रविवार को आगरा जिला जेल से रिहा कर दिया गया। स्थानीय अदालत द्वारा शनिवार को जमानत दिए जाने के बाद यह रिहाई संभव हुई है। रिहा होने वाले कांग्रेस नेताओं में मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश कुमार, मनोज गौर, राजेश गौतम और पंकज चौधरी शामिल हैं। इन सभी को 28 सितंबर को हुई इस घटना के सिलसिले में 29 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
CEC के घर के बाहर लिखने पर दर्ज हुआ था मामला (चित्र साभार: X/@IYC)
पुलिस की कार्रवाई पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, हटानी पड़ी धारा 109
मामले की जांच के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया। शुरुआत में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के साथ-साथ दंगा करने, गलत तरीके से रोकने, लोक सेवक पर हमला/आपराधिक बल प्रयोग, गृह-अतिचार, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई थीं। हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच अधिकारी से यह स्पष्ट करने को कहा था कि हत्या के प्रयास (धारा 109) का आरोप लगाने के लिए कौन से तथ्य, चोटें, चिकित्सा साक्ष्य या चश्मदीदों के बयान मौजूद हैं। पुलिस अदालत के सामने धारा 109 को साबित करने में नाकाम रही, जिसके बाद जांच अधिकारी ने इस धारा को हटा दिया। उसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया।
जेल से बाहर आते ही फिर बरसे कांग्रेस नेता अनिल यादव
जेल से बाहर आने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता अनिल यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अपना हमला और तेज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने रहेंगे, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला 28 सितंबर का है, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की नीतियों और एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन करते हुए विजयनगर स्थित मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पैतृक आवास के मुख्य गेट और बाहरी दीवारों पर काले पेंट से ज्ञानेश गद्दार लिख दिया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुकदम दर्ज कर छह नेताओं को जेल भेज दिया था, जिन्हें अब अदालत से राहत मिल गई है।
