10 Din Ka Mausam: आसमान से फिर बरसेगी आफत! अगले 10 दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश का आएगा दौर, जानें IMD का पूर्वानुमान

Agle 10 Din Ka Monsson ka Mausam 21 to 30 September 2026 (अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा) Floods, Cloudburst, IMD Red, Yellow Alert weather Update: सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आएगा और बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के साथ दक्षिणी राज्यों में भी भारी बारिश के दौर बन सकते हैं। वहीं, उत्तर भारत में भी कुछ राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है, ऐसे में जानिए अगले 10 दिनों का पूरा मौसम अपडेट।

Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): देशभर में अगले 10 दिनों के दौरान कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम सिस्टम आगे बढ़ते हुए मजबूत होने की राह पर है, जिसका असर पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के साथ अन्य क्षेत्रों में भी पड़ सकता है। वहीं, उत्तर भारत में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। वेदर सिस्टम की स्थिति की बात करें तो 21 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST तक पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Marked Low Pressure Area) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ चुका है। अब यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

Agle 10 Din Ka Mausam

अगले 10 दिन का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसके बाद भी सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान है और 23 सितंबर की सुबह के आसपास इसके उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट के करीब पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ बनी हुई है। इसी परिसंचरण के केंद्र से उत्तर अंडमान सागर तक भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ट्रफ सक्रिय है।

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