Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): देशभर में अगले 10 दिनों के दौरान कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम सिस्टम आगे बढ़ते हुए मजबूत होने की राह पर है, जिसका असर पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के साथ अन्य क्षेत्रों में भी पड़ सकता है। वहीं, उत्तर भारत में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। वेदर सिस्टम की स्थिति की बात करें तो 21 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST तक पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Marked Low Pressure Area) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ चुका है। अब यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
अगले 10 दिन का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसके बाद भी सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान है और 23 सितंबर की सुबह के आसपास इसके उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तट के करीब पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर बंगाल की खाड़ी से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के केंद्र तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ बनी हुई है। इसी परिसंचरण के केंद्र से उत्तर अंडमान सागर तक भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ट्रफ सक्रिय है।
मध्य तमिलनाडु और इसके आसपास के क्षेत्रों में निचले से लेकर मध्य क्षोभमंडलीय स्तर तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ फैली हुई है। पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर भी निचले से मध्य क्षोभमंडलीय स्तर के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम तंत्र में एक और बदलाव पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और मौसम संबंधी गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में आइए अगले 10 दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली-यूपी से उत्तराखंड में ऐसा रहेगा 10 दिन का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 24 से 27 सितंबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 21 से 25 सितंबर तक छिटपुट बारिश के आसार हैं। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 26 और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23-24 सितंबर और फिर 27 सितंबर को बारिश की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान में 21-22 सितंबर तथा 25-27 सितंबर के दौरान कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 26-27 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-26 सितंबर के दौरान भी व्यापक बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम के साथ आंधी और बिजली गिरने की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। उत्तराखंड में 25 से 27 सितंबर के बीच गरज और बिजली चमकने की संभावना है। बारिश की तीव्रता को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26-27 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-27 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 26-27 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 10 दिन भारी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 27 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 21-22 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि विदर्भ में 21 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 27 सितंबर, विदर्भ में 22 से 27 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 21 से 27 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23-24 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है।
छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 24 सितंबर को भी ऐसी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 सितंबर और फिर 25-27 सितंबर को गरज और बिजली चमकने की संभावना है। बारिश के लिहाज से पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 सितंबर, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23-24 सितंबर और 27 सितंबर, विदर्भ में 23-26 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 21-22 सितंबर और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25-26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 23 सितंबर तथा 25-26 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं, 23 सितंबर को छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी के झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
ओडिशा और झारखंड में भी रहेगा तेज बारिश का दौर
पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड और ओडिशा में 21 से 27 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-27 सितंबर तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में 22-27 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है। बिहार में 24-27 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21-22 सितंबर तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। बिहार में 21-23 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21-27 सितंबर तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। गंगीय पश्चिम बंगाल में 22-25 सितंबर, झारखंड में 23-25 सितंबर और बिहार में 23-24 सितंबर को ऐसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
ओडिशा में 21-22 सितंबर और 25 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21-25 सितंबर के बीच हवा के झोंकों की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। बारिश की तीव्रता के लिहाज से अंडमान और निकोबार में 21 सितंबर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-26 सितंबर तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में 21-23 सितंबर और 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 21-23 और 25-26 सितंबर, बिहार में 23 तथा 26-27 सितंबर और ओडिशा में 21 तथा 26 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर, बिहार में 24-25 सितंबर तथा ओडिशा में 22-23 और 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 23-24 सितंबर को ओडिशा में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। झारखंड में 21-22 सितंबर तथा ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 सितंबर को बिजली गिरने की गतिविधियां भी तेज रह सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में जमकर बरसेंगे बादल
पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 21 से 27 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 21-22 सितंबर तथा 26-27 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 23-25 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21-23 सितंबर के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां हो सकती हैं। असम और मेघालय में 22-23 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश के साथ आंधी मचाएगी हलचल
पश्चिमी भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। कोंकण और गोवा में 21 सितंबर तथा 25-27 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 21 सितंबर और 24-27 सितंबर, जबकि मराठवाड़ा में 21-22 सितंबर तथा 24-27 सितंबर को बारिश के आसार हैं। गुजरात क्षेत्र में 21-27 सितंबर तक तथा सौराष्ट्र और कच्छ में 21-24 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 22-24 सितंबर, मध्य महाराष्ट्र में 22-23 सितंबर तथा मराठवाड़ा में 23 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में 21-24 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मराठवाड़ा में 21-23 सितंबर के बीच ऐसी गतिविधियां संभव हैं। गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र-कच्छ में 21 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। कोंकण और गोवा में 22-23 सितंबर, मध्य महाराष्ट्र में 21-23 सितंबर तथा मराठवाड़ा में 23 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं।
आंध्र से कर्नाटक और तमिलनाडु तक बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी अगले सप्ताह मौसम सक्रिय रहने वाला है। रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 21-27 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, केरल एवं माहे तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 26-27 सितंबर को छिटपुट बारिश के आसार हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 25-27 सितंबर, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 27 सितंबर तथा तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 21 सितंबर और 26-27 सितंबर को बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, केरल एवं माहे और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 21-25 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। लक्षद्वीप और तेलंगाना में 21-26 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21-24 सितंबर तथा तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 22-25 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21-23 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 23 सितंबर तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 21-22 सितंबर को भी ऐसी स्थिति बन सकती है। तेलंगाना में 21-22 और 26-27 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का असर हो सकता है। बारिश के लिहाज से लक्षद्वीप, रायलसीमा और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 21 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। केरल एवं माहे में 21 सितंबर और 23-25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 22 और 25 सितंबर तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 21-22 और 24 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21-22 और 25 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 21 और 25 सितंबर तथा तेलंगाना में 21-22 और 26 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। तटीय कर्नाटक में 23 सितंबर को बहुत भारी और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 23 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 22 सितंबर तथा तेलंगाना में 23-25 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम तथा तेलंगाना में 23-25 सितंबर के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम में 23-25 सितंबर, रायलसीमा में 21-25 सितंबर और तेलंगाना में 21-27 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मौसम के ऐसे हालात 30 सितंबर तक रह सकते हैं।
