10 Din Ka Mausam: पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, कहीं चलेगी भीषण लू तो कहीं गरजेंगे बादल; IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट;

अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा (21 May to 30 May 2026) लू, बारिश, ओला वृष्टि, बारिश और धूल भरी आंधी कहां होगी: देश के कई राज्यों में अगले 10 दिनों तक मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत में भीषण लू और गर्म रातों का असर बना रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

KEY HIGHLIGHTS
  • पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण देशभर में मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
  • दिल्ली, यूपी समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में 31 मई तक भीषण लू और सीवियर हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है।
  • पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा (21 May to 30 May 2026): दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 10 दिनों तक भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव की स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। वहीं देश के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू डिवीजन के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में निचले क्षोभमंडल में बना हुआ है।

Agle 10 Din Ka Mausam

अगले 10 दिन का मौसम

पंजाब और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। उत्तरी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण से उत्पन्न एक गर्त उत्तरी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों से लेकर उत्तरी तेलंगाना तक निचले क्षोभमंडल में फैला हुआ है। पश्चिमी बिहार और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। गंगा के मैदानी पश्चिमी बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर से लेकर मध्य बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त (ट्रफ) फैला हुआ है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर में पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में दिखाई देने वाला एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ लगभग 52° पूर्व देशांतर के अनुदिश 30° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।

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