Agle 10 Din Ka Mausam: जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं मौसम का हाल बदलता जा रहा है। गर्मी की शुरुआत अब धीरे-धीरे होने लगी है। ऐसे में आने वाले दिनों के मौसम को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने एक लेटेस्ट अपडेट जारी किया है। मौसम प्रणालियों की बात करें तो, दक्षिणी बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडल के स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी असम और उससे लगे नागालैंड के हिस्सों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा बिहार से लेकर मराठवाड़ा क्षेत्र तक निचले क्षोभमंडल में एक गर्त (ट्रफ) फैला हुआ है। वहीं, दक्षिणी तमिलनाडु से तटीय कर्नाटक तक भी निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक अन्य गर्त सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडल में पछुआ हवाओं के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में मौजूद है, जो लगभग 48° पूर्व देशांतर के साथ और 28° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम प्रवाहित हो रही है, जिसकी प्रमुख हवाएं समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 85 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही हैं।
अगले 10 दिनों का मौसम (11 मार्च से 20 मार्च)
क्या है IMD का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों का तापमान सामान्य से लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों यानी 11 मार्च तक अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रह सकता है। इस बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 मार्च तक कहीं-कहीं से लेकर कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 11 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जबकि 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर में कुछ जगहों पर भारी वर्षा या बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
हीटवेव और गर्मी को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने हीटवेव और गर्म व उमस भरे मौसम को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा राजस्थान, विदर्भ और गुजरात में 11 मार्च के बीच तथा उत्तर कोंकण में लू चलने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 11 मार्च तथा गुजरात के तटीय इलाकों में 11 से 13 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
कैसा रहेगा आने वाले दिनों का अधिकतम तापमान?
अधिकतम तापमान के पूर्वानुमान की बात करें तो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, जबकि उसके बाद चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है और उसके बाद चार दिनों में 2 से 3 डिग्री की कमी हो सकती है। हालांकि उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद अगले तीन दिनों में इसमें उतनी ही गिरावट आने की संभावना है।
इन जगहों के तापमान में कोई खास बदलाव
विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और उसके बाद तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री की कमी आ सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले चार दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है, जबकि उसके बाद तीन दिनों में 3 से 4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और उसके बाद चार दिनों में 2 से 3 डिग्री की कमी आने का अनुमान है। गुजरात में भी अगले तीन दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद चार दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा और उसके बाद चार दिनों में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में अगले पांच दिनों तक दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने की संभावना जताई गई है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। कुल मिलाकर मौसम का इस तरह का मिजाज 20 मार्च तक रह सकता है।
FAQs
अगले 10 दिनों में देश के मौसम में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन सकती है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
किन क्षेत्रों में बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है?
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, खासकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 11 से 12 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जबकि 11 मार्च को कुछ इलाकों में भारी वर्षा या बर्फबारी हो सकती है।
किन राज्यों में हीटवेव या तेज गर्मी का खतरा है?
कुछ राज्यों में लू जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। राजस्थान, विदर्भ और गुजरात के कई हिस्सों में गर्म हवाएं चल सकती हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी तापमान काफी अधिक रहने के कारण हीटवेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
किन इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है?
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में कुछ दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर कोंकण क्षेत्र में भी गर्म हवाओं के साथ उमस का असर महसूस किया जा सकता है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान को लेकर क्या अनुमान है?
मौसम विभाग के मुताबिक कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद हल्की गिरावट या बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उत्तर प्रदेश में पहले तापमान बढ़ सकता है और बाद में कुछ कमी आ सकती है, जबकि महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर भारत और कुछ अन्य हिस्सों में भी धीरे-धीरे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर 20 मार्च तक देश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है।
