10 Din Ka Mausam: अक्टूबर में मौसम लेगा करवट, मानसून की विदाई के बीच कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं का दिखेगा असर

Agle 10 Din Ka Mausam 1 to 10 October 2026 (अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा) Floods, Cloudburst, IMD Red, Yellow Alert weather Update: मानसून की विदाई के बीच अक्टूबर के शुरुआती दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। उत्तर भारत में मानसून वापसी की ओर बढ़ रहा है, वहीं दिल्ली समेत कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की दस्तक हो सकती है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का सिलसिला कई दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।

Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): अक्टूबर की शुरुआत के साथ देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है और दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की संभावना जताई है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। वहीं, कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा इस समय 32.5°N/72.5°E से होते हुए गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से गुजर रही है तथा आगे 23.0°N/67.8°E तक पहुंच रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पूरे क्षेत्र तथा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो सकती है।

Agle 10 Din Ka Mausam

अगले 10 दिन का मौसम

वहीं बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो, उत्तर म्यांमार और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, मिजोरम तथा उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well-marked Low Pressure Area) कमजोर होकर 1 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे IST पर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया। सुबह 8:30 बजे तक यह सिस्टम उसी क्षेत्र में बना हुआ था। इसके अगले करीब 12 घंटों तक इसी क्षेत्र में रहने की संभावना है। इसके अलावा, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर उत्तर-पूर्वी अरब सागर से पश्चिम-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ बनी हुई है। उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय (Cyclonic Circulation) है। वहीं, उत्तर आंतरिक कर्नाटक से लेकर मन्नार की खाड़ी तक निचले स्तरों पर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक ट्रफ बनी हुई है। असम के उत्तर-पूर्वी हिस्से और आसपास के इलाकों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसका अक्ष मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर लगभग 69°E देशांतर के साथ 26°N अक्षांश के उत्तर में स्थित है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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