ईटानगर: नॉर्थ ईस्ट इंडिया फैशन वीक 'द आर्टिसंस मूवमेंट' का छठा संस्करण जोलांग और ईटानगर में सुरम्य कोरो हप्पा नदी द्वीप पर आयोजित किया गया। इसमें फैशन जगत की कई जानी मानी हस्तियों ने शिरकत की। इस संस्करण में नॉर्थ ईस्ट की कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में पूरे पूर्वोत्तर भारत के 30 से अधिक डिजाइनरों और बुनकरों ने अपने डिजाइन प्रस्तुत किए।
नॉर्थ ईस्ट इंडिया फैशन वीक
महोत्सव की शुरुआत दिरांग दज़ोंग के पारंपरिक नृत्य 'सिंघी छम' के साथ हुई, जिसके बाद प्रदर्शनी स्टॉलों की शुरुआत हुई। डिजाइरों अपने शुरुआती कार्यक्रम में सबको चकित कर दिया। वहीं, दिव्यांगजन बुनकर, डिजाइनर जियाई एटे की गैलो जनजाति की बुनाई की प्रतिभा से सब हतप्रभ रह गए। शाम के ग्रैंड फिनाले में डिजाइनर आनंदिता करमाकर का फैशन शो और अभिनेत्री/मॉडल/गायिका ज़ो सोन्स का लाइव शो का प्रदर्शन किया गया।
संस्करण के दूसरे दिन शीर्ष डिजाइनरों की प्रस्तुति देखी गई, जिनमें से प्रत्येक ने पूर्वोत्तर शिल्प कला कौशल में अपने योगदान को प्रदशित किए। वहीं, ग्लेम डाइव की ओर से अरुणाचल प्रदेश के डिजाइनों का एक विशेष प्रदर्शन, दिमासा बुनकर रितु दौलागाफू द्वारा डिजाइन और लोक संगीतकार वारक्लुंग फु निंगडिंग द्वारा एक रोमांचक प्रस्तुती दी गई। नीता सिदीसोव, नांग वाटिका मंटाव, नांग वेनिका नामचूम और रूपा रेबे सहित शीर्ष डिजाइनरों ने अपनी कृतियों का प्रदर्शन किया। साथ ही अपातानी लोक गायक तापी उका और अरुणाचल आइडल-प्रसिद्ध गायक मार्कियो तानाल्डो ने लाइव प्रदर्शन किया। रात का समापन डिजाइनर रूपा रेबे की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें रूबरू मिस्टर इंडिया और मिस्टर अरुणाचल 2023 शोस्टॉपर थे।
नॉर्थ ईस्ट इंडिया फैशन वीक 'द आर्टिसंस मूवमेंट' की दूरदर्शी याना नगोबा चाकपू ने इस आयोजन को जबरदस्त सफलता बनाने के लिए प्रतिभागियों, प्रायोजकों और समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने समावेशन, सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पूर्वोत्तर के हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्धि को प्रदर्शित करने के लिए स्थानीय डिजाइनरों और कारीगरों को एकजुट करने के अपने लक्ष्य को हासिल किया।
एनईआईएफडब्ल्यू को राज्य और केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से भी अपार समर्थन मिल रहा है। इस कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता ने फैशन, फिल्म और संगीत उद्योग की मशहूर हस्तियों को आकर्षित किया है, जिससे पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में इसके महत्व का समर्थन किया गया है। NEIFW का समर्थन करने वाली उल्लेखनीय हस्तियों में आदिल हुसैन, ऐश किंग, मिनिषा लांबा, रजनी बसुमतारी और विभिन्न राज्य के गणमान्य हस्तियां शामिल हैं।
