गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली फोटो सामने आई। इस फोटो में 50 से ज्यादा बंदरों के शव वन चौकी के पास फेंके हुए दिख रहे हैं। इस फोटो के वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। जिसके बाद डीएफओ ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी। यह घटना डेढ़ महीने पुरानी है और इसे बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग का बताया जा रहा है।
बंदरों को मारकर फेंका (फोटो साभार- ट्विटर)
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ आकाशदीप वधावन ने बताया कि कुछ लोगों ने बंदरों को मारकर इस इलाके में फेंक दिया था। इस घटना पर जांच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है जो मोतिपुर रेंजर्स के वनक्षेत्राधिकारी की अध्यक्षता में घटना की पूरी जांच करेगी। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान और डॉग स्कॉड को भी टीम में शामिल किया गया है। डीएफओ ने यह भी कहा कि इस घटना के जो भी आरोपी है, उनके खिलाफ वाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट और इंडियन फॉरेस्ट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में वन्यजीव प्रभाग
इस घटना के सामने आने के बाद से सवाल उठ रहा है कि कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के संरक्षित क्षेत्र के बावजूद यहां पर इतनी बड़ी संख्या में बंदरों को मारकर किसने फेंका। इस इलाके में वन्य जीवों की फोटो खींचना भी मना है ऐसे में 50 बंदरों के शव के बारे में वन्य विभाग को इतनी देर से क्यों पता चला और अगर समय पर पता चला तो एक्शन में देरी की क्या वजह है इसके अलावा शव को किसने दफनाया इस पर भी लोग सवाल कर रहें है।
