80 किमी. लंबाई, 3,839 करोड़ लागत; बनने जा रहा दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का ये 4 लेन सेक्शन

एनएच-752डी के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी खंड के 80.45 किलोमीटर लंबे चार-लेन गलियारे के विकास को मंजूरी दी है। परियोजना का निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा होगा। इस कॉरिडोर से उज्जैन से टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

मध्य प्रदेश में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को चार लेन का बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत 3,839.42 करोड़ रुपये होगी और इसे सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी में पूरा किया जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने एनएच-752डी के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी खंड के 80.45 किलोमीटर लंबे चार-लेन गलियारे के विकास को मंजूरी दी है। परियोजना का निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा होगा। इस कॉरिडोर से उज्जैन से टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रा को तेज और आसान बनाना और यात्रा समय लगभग एक घंटा कम करना है।

Delhi Mumbai Expressway

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे (फोटो-Istock)

बदनावर–टिमरवानी सड़क की स्पीड

उज्जैन–बदनावर खंड (70.40 किमी) पहले ही दो लेन से चार लेन में ’अपग्रेड’ किया जा चुका है। बदनावर–टिमरवानी खंड मौजूदा 5.5 मीटर की लेन है और इसकी गति केवल 20-50 किमी/घंटा है। यह मार्ग गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन आने वाले यातायात के लिए सबसे छोटा रास्ता है। परियोजना से अंतर-राज्यीय पहुंच मजबूत होगी, यातायात की आवाजाही सुगम होगी और अप्रैल, 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यात्रा प्रबंधन में मदद मिलेगी।

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