Himachal Pradesh National Highway Project: हिमाचल प्रदेश में 25 नेशनल हाईवे का काम चल रहा है, जिनकी कुल लंबाई 2592 किलोमीटर है। इसमें से 785 किलोमीटर एनएचएआई, 1238 किलोमीटर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और 569 किलोमीटर सड़क सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए जा रहे हैं। एनएचएआई के अंतर्गत चार बड़े कार्य चल रहे हैं, जिसमें से अधिकतम कार्य 2026 एवं 2027 तक पूर्ण हो जाएंगे और बाकी 2028 में होंगे। कीरतपुर मनाली कॉरिडोर, जिसके लिए 7667 करोड़ आवंटित हैं, जिसमें 12 टनल 11.51 किलोमीटर का निर्माण होगा। कीरतपुर मनाली, कुल आवंटन 9452 करोड़, 28 टनल जिनकी लंबाई 41 किलोमीटर होगी। शिमला मटौर, 10208 करोड़ का आवंटन, जिसमें 15 टनल कुल टनल लंबाई 13.41 होगी। पठानकोट मंडी, कुल आवंटन 1088 करोड़, 13 टनल बनेगी, जिनकी कुल लंबाई 10 किलोमीटर होगी। यह लंबाई केवल टनल से संबंधित है।
हिमाचल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर (फाइल फोटो)
जेपी नड्डा का कहना है कि एनएचएआई द्वारा काम चल रहे हैं, उनको उद्योग से बाहर किया जाए, क्योंकि उन्हें राज्य प्रदूषण बोर्ड की एनओसी हर साल लेनी पड़ती है, जिसके कारण काम धीमी गति से चल रहा है। इसके अंतर्गत क्रेशर तारकोल पिघलाने वाले यंत्र हॉट मिक्सर आते हैं। यह सब अस्थायी काम है, कुछ समय बाद बंद हो जाते हैं।
ब्यास नदी के ड्रेजिंग चिंता का विषय
दूसरा विषय ड्रेजिंग का है, ब्यास नदी के इर्द-गिर्द इस विषय के बारे में काफी चिंता करने की आवश्यकता है और प्रदेश सरकार को इसके बारे जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए। सुमदो काजा सड़क की सैंक्शन 2024 में मिल गई थी और यह काम बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन कर रही है पर राज्य सरकार अभी तक इसकी फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं दे पा रही है। अगर यह क्लीयरेंस जल्दी आ जाए तो काम जल्दी चलेगा। नड्डा ने बिलासपुर को गुड न्यूज देते हुए कहा कि घुमारवीं शाहतलाई रोड को 35 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं और 2026 तक यह सड़क अपग्रेड कर दी जाएगी। यह कार्य सीआईएफ द्वारा करवाया जाएगा और जल्द इसका काम भी शुरू हो जाएगा।
