Ajay Mahato Arrest: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बता दें कि उनके लिए सालों से सिरदर्द बना भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ टाइगर उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव आखिरकार हत्थे चढ़ गया। जानकारी के मुताबिक उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित अजय महतो के खिलाफ हत्या, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की निर्मम हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले, मुठभेड़, विस्फोटक लूट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
अजय महतो (फाइल फोटो)
बड़े नक्सली हमले में अजय महतो की भूमिका
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लगभग हर बड़े नक्सली हमले में अजय महतो की भूमिका सामने आई है। अप्रैल 2020 में गोईलकेरा के कुईड़ा चौक पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीण राजकिशोर गोप की हत्या तथा जुलाई 2020 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकेल स्थित वन विभाग कार्यालय को आईईडी से उड़ाने और कई वाहनों को आग के हवाले करने की घटना में उसका नाम शामिल है। 2021 में लगातार हुए घातक हमलों में भी वह एक्टिव रहा। फरवरी में जगेश्वर बिहार क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ जवान घायल हुए, जबकि मार्च 2021 में टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हो गए और कई अन्य जवान घायल हुए। जून 2021 में रेगेंडाहातु जंगल में कोबरा बटालियन के साथ मुठभेड़ में भी सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
अजय महतो के लिए सबसे खूनी साल
साल 2022 में टोंटो और गोईलकेरा क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ कई मुठभेड़ हुईं। दिसंबर 2022 में लोवाबेड़ा के पास मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि रेंगड़ा में सर्च अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के निरीक्षक प्रभाकर साहनी घायल हुए। 2023 अजय महतो के लिए सबसे खूनी साल माना गया। जनवरी में तुम्बाहाका जंगल में दो दिनों तक चली मुठभेड़ के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन के नौ जवान घायल हुए। फरवरी में गोईलकेरा के मेरालगढ़ा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में तीन जवान जख्मी हुए। मार्च 2023 में बड़ाजामदा और मेरालगढ़ा स्थित विस्फोटक भंडार लूट की घटना में भी उसके शामिल होने की बात सामने आई। अगस्त 2023 में टोंटो के तुम्बाहाका पहाड़ी पर हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के सब-इंस्पेक्टर अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार शहीद हो गए। अक्टूबर 2023 में हाथीबुरू क्षेत्र में स्पाइक होल विस्फोट से सीआरपीएफ अधिकारी घायल हुए। 2024 में भी उसकी हिंसक गतिविधियां जारी रहीं।
सुरक्षा बलों पर लगातार आईईडी हमले
फरवरी में जेटेया और टोंटो थाना क्षेत्रों में दो ग्रामीणों चुडू सिरका और जितेन लागुरी की पुलिस मुखबिरी के आरोप में हत्या कर दी गई। सितंबर 2024 में तिरिलपोसी के जंगल में आईईडी विस्फोट से कोबरा बटालियन का बीडीडीएस जवान गंभीर रूप से घायल हुआ। 2025 में अजय महतो के दस्ते ने सुरक्षा बलों पर लगातार आईईडी हमले किए। मार्च में बाबूडेरा, तिरिलपोसी और मारंगपोंगा जंगलों में हुए विस्फोटों में कई सीआरपीएफ जवान घायल हुए, जबकि सीआरपीएफ के एसआई सुनील कुमार मंडल शहीद हो गए। अप्रैल 2025 में राधापोड़ा जंगल में फायरिंग और आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के जवान सुनील धान शहीद हुए। अप्रैल में ही रेड़ा-समठा जंगल में एक अन्य आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ जवान घायल हुआ। मई 2025 में तिरिलपोसी जंगल में मुठभेड़ के बाद आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन का डॉग हैंडलर घायल हुआ, जबकि बलिबा गांव का एक ग्रामीण विस्फोट की चपेट में आकर जान गंवा बैठा। अक्टूबर 2025 में समठा वन क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन का प्रशिक्षित डॉग शहीद हो गया और एक जवान घायल हुआ।
नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता
वहीं साल 2026 में भी उसका नेटवर्क सक्रिय रहा। मार्च 2026 में मारंगपोंगा और किनबीर के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें कोबरा जवान विक्रम यादव घायल हुए। मुठभेड़ के बाद लगाए गए आईईडी विस्फोट में कोबरा 209 बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक और हवलदार संजय कुमार घायल हो गए। अजय महतो लंबे समय से सारंडा क्षेत्र में माओवादी संगठन के लिए आईईडी लगाने, सुरक्षाबलों पर हमलों की रणनीति तैयार करने, हथियार एवं विस्फोटक जुटाने और संगठन के कैडरों का संचालन करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, विस्फोट, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट सहित अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस ओर सीआरपीएफ के लिए 25 लाख के इनामी माओवादी की गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है। इससे सारंडा और कोल्हान , गिरिडीह क्षेत्र में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब उससे पूछताछ के आधार पर संगठन के अन्य सदस्यों, हथियारों के नेटवर्क और आईईडी मॉड्यूल से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी है।
