2020 दिल्ली दंगा केस: 'सिर्फ भीड़ का हिस्सा होना अपराध साबित करने के लिए काफी नहीं'; अदालत ने 12 आरोपियों को किया रिहा

2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले में फैसला देते हुए अदालत ने कहा कि सिर्फ गैरकानूनी भीड़ का सदस्य होना अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

साल 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े मामले में अदालत ने हत्या,दंगा और डकैती समेत कई आरोपों का सामना कर रहे 12 लोगों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल इस आधार पर आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता कि वह किसी गैरकानूनी भीड़ या जमावड़े का हिस्सा था। इसके लिए उसके व्यक्तिगत कृत्य और अपराध में भूमिका को साबित करना जरूरी है।

अदालत का फैसला।

अदालत का फैसला।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 25 अगस्त को दिए अपने आदेश में लोकश सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पंचाल, ऋषभ चौधरी, सुमित चौधरी, टिंकू अरोड़ा, संदीप और साहिल को इस मामले में बरी किया।

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