उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में आज यानी गुरुवार 15 जनवरी को प्रशासन और आम जनता आमने-सामने आ गए। यहां अगस्त्यमुनि मैदान में सरकार की तरफ से स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय लोग यहां स्टेडियम बनाए जाने का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। कई लोग इसके खिलाफ धरने पर भी बैठे हैं। आज स्थानीय लोगों ने यहां हथोड़ा और अन्य औजार लेकर मैदान के बाहर बने गेट के आर्च को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस प्रशासन और आम लोगों के बीच जमकर विवाद हुआ।
रुद्रप्रयाग में अगस्त्य ऋषि डोली भ्रमण के दौरान हंगामा
दरअसल मकर संक्रांति के पावन अवसर पर केदारनाथ हाईवे पर स्थित अगस्त्यमुनि में अगस्त्य ऋषि की डोली के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। डोली को मंदिर से रवाना होकर अगस्त्य ऋषि के मैदान अगस्त्यमुनि जाना है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु वहां पर डोली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मैदान का गेट ऊपर से बंद होने (आर्क होने) के कारण डोली अंदर प्रवेश नहीं कर पा रही है।
इस पर लोगों ने गेट के ऊपर बने आर्क को स्वयं ही तोड़ना शुरू कर दिया, जिसको लेकर उनकी प्रशासन के साथ झड़प हुई। प्रशासन की तरफ से तोड़फोड़ की इस कार्रवाई को रोकने की कोशिश की जा रही है। लोगों का कहना है कि यह उनकी आस्था का मामला है, लेकिन सरकार की तरफ से उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।
डोली समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि 15 साल बाद अगस्त्य ऋषि की डोली यात्रा का आयोजन किया गया है। इसको लेकर प्रशासन को पहले से ही सूचना दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार अगस्त्यमुनि मैदान में स्टेडियम बना रहा है, स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि यह भूमि अगस्त्य ऋषि के मंदिर की है और प्रशासन अवैध रूप से यहां पर निर्माण कर रहा है।
कल यानी बुधवार 14 जनवरी को भी डोली यहां पहुंची थी, लेकिन गेट की वजह से डोली अंदर नहीं जा सकी। मैदान में गेट लगा होने के कारण डोली नाराज होकर लौट गई। लोग डोली को मनाने के लिए जुटे, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। बाद में नाराज होकर डोली वापस मंदिर में लौट गई। स्थानीय लोग लगातार डीएम के संपर्क में हैं और वह पुलिस प्रशासन व एसडीएम पर मामले को ठीक तरीके से हैंडल नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं।
