महज 4 साल में सरकारी संस्था से 'मिनीरत्न' कंपनी बनी YIL, राजनाथ सिंह ने दी श्रेणी-I दर्जे को मंजूरी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को 'मिनीरत्न' (श्रेणी-I) का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। इसी के साथ, यह भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। यह निर्णय न केवल एक सरकारी संस्था के सफल कॉर्पोरेट कायाकल्प को दर्शाता है, बल्कि भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की मजबूती का भी प्रमाण है।

भारतीय रक्षा उद्योग के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (DPSU) यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को 'मिनीरत्न' श्रेणी-I (Miniratna Category-I) का दर्जा प्रदान करने की स्वीकृति दे दी है। यह घोषणा यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की वित्तीय सफलता को प्रमाणित करती है। साथ ही, कंपनी के कुशल प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं पर सरकार के अटूट भरोसे को भी दर्शाती है।

YIL

सरकारी संस्था से 'मिनीरत्न' कंपनी बनी YIL

चार साल का शानदार सफर

यंत्र इंडिया लिमिटेड का यह सफर असाधारण रहा है। रक्षा मंत्री ने कंपनी को बधाई देते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि कैसे महज चार साल की छोटी अवधि में इस इकाई ने खुद को एक सरकारी संगठन से बदलकर एक लाभदायक कॉर्पोरेट इकाई के रूप में स्थापित किया है। केंद्र के अनुसार, यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) ने स्थापना के बाद से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें 2021-22 (दूसरी छमाही) में 956.32 करोड़ रुपए की बिक्री से वित्त वर्ष 2024-25 में 3,108.79 करोड़ रुपए तक की शानदार वृद्धि शामिल है।

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