Rishad Premji Took Half Salary : देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) के एक्जेक्यूटिव चेयरमैन रिशद प्रेमजी (Rishad Premji) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अपनी मर्जी से सैलरी में कटौती की है। उन्होंने 2022-23 में 2021-22 के मुकाबले केवल आधी ही सैलरी ली है। इस बात का खुलासा अमेरिका में सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन के पास की गई फाइलिंग में हुआ है।
रिशद प्रेमजी की सैलरी में कटौती
कितनी सैलरी मिली
इस साल उन्हें 951,353 डॉलर या 7.87 करोड़ रु मिले हैं। जबकि 2022 में बोर्ड के एक्जेक्यूटिव चेयरमैन के रूप में रिशद की सैलरी 1,819,022 डॉलर या 15.05 करोड़ रु थी। पिछले साल से इस साल उनकी सालाना सैलरी में लगभग 50 फीसदी (8,67,669 डॉलर या 7.17 करोड़ रु) कम है।
क्यों घटी सैलरी
जब से कोरोना आया है, उसके बाद रिशद की सैलरी में पहले भी कटौती की गई है। इस बार विप्रो के प्रॉफिट में गिरावट के चलते रिशद की सैलरी में कटौती हुई है। विप्रो का प्रॉफिट घट कर 11,366.50 करोड़ रुपये रह गया। ये सालाना आधार पर 7.16 फीसदी की गिरावट है। बीता कुछ समय आईटी सेक्टर के लिए ग्लोबल लेवल पर काफी खराब रहा है।
और आ सकती है गिरावट
जानकार मानते हैं कि भारत की आईटी इंडस्ट्री में 2027 करोड़ रु की गिरावट आ सकती है। बता दें कि रिशद की सैलेरी में 861,620 डॉलर की सैलेरी और अलाउंस 74,343 डॉलर के लॉन्ग-टर्म कम्पेंसेशन बेनेफिट्स हैं। वहीं 15,390 डॉलर अदर इनकम के हैं।
कोरोना आने पर भी रिशद की सैलेरी में 31 फीसदी की कटौती दर्ज की गई थी। वहीं रिशद के पिता और विप्रो के फाउंडर चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने तब अपनी कमीशन छोड़ दी थी।
2007 में शामिल हुए थे विप्रो में
रिशद 2007 में विप्रो में शामिल हुए थे। 2019 में उन्हें कंपनी का एक्जेक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया। उन्होंने विप्रो के बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में जनरल मैनेजर की भी भूमिका निभाई है।
