Wipro Headcount Down in Q2: बुधवार को देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक विप्रो (Wipro) ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए। इसके साथ ही कंपनी ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर के दौरान इसके कर्मचारियों की संख्या में गिरावट आई। जुलाई-सितंबर तिमाही में इसके कर्मचारियों की संख्या में 5,000 से अधिक की गिरावट आई।
विप्रो के कर्मचारियों की संख्या घटी
कितने कर्मचारी रह गए
विप्रो के कर्मचारियों की संख्या जून के अंत में 249,758 थी, जो सितंबर के अंत में घटकर 244,707 रह गई। देश की बाकी प्रमुख आईटी कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में भी गिरावट देखी गई है।
चल रहे वित्तीय वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएलटेक के कर्मचारियों की संख्या में भी 16,000 से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियों के कारण वित्त वर्ष 2024 में उनके लिए पूर्वानुमान अच्छे नहीं हैं।
इंफोसिस में सबसे बड़ी गिरावट
अब चार बड़ी आईटी कंपनियों की कुल कर्मचारियों की संख्या सितंबर के अंत में 1,403,595 है, जबकि पिछली तिमाही में यह 1,424,808 थी। कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक इंफोसिस में कम हुई। इंफोसिस में कर्मचारियों की संख्या में 7530 की गिरावट आई।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
विप्रो का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का प्रॉफिट 2,667.3 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर बना रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का लाभ 2,649.1 करोड़ रुपये रहा था। विप्रो ने कहा कि जुलाई-सितंबर में इसकी इनकम हल्की गिरावट के साथ 22,515.9 करोड़ रुपये पर आ गई। पिछले साल की समान तिमाही में इसकी इनकम 22,539.7 करोड़ रुपये रही थी।
विप्रो के कारोबार में योगदान देने वाले टॉप सेगमेंट बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और बीमा, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर हैं, जिनमें गिरावट आई है।
